डिब्रूगढ़ (असम), आठ नवंबर (भाषा) असम के डिब्रूगढ़ जिले में ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) के एक संयंत्र में आग लगने की घटना में रविवार को एक और कर्मचारी की मौत हो जाने पर कुल मृतक संख्या बढ़कर चार हो गई है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार को आग लगने की घटना में घायल हुए तीन अन्य कर्मचारियों की हालत गंभीर है और उनका इलाज जारी है।
हादसे के दिन एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि अगले दिन दो अन्य ने दम तोड़ दिया था।
अधिकारी ने बताया कि यहां के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे मैकेनिकल हेल्पर शैलेन गोगोई की रविवार को मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई।
जान गंवाने वाले सभी लोग मुंबई की कंपनी स्पेक्ट्रॉन इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी थे, जिसे ऑयल इंडिया ने काम पर लगाया था।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी ने एक बयान में बताया कि छह नवंबर को तेंगाखाट स्थित उसके इंटरमीडिएट टैंक फार्म में रखरखाव कार्य के दौरान विस्फोट के बाद आग लग गई थी।
इंटरमीडिएट टैंक फार्म ऐसी सुविधा होती है, जहां पेट्रोलियम उत्पादों को आगे प्रसंस्करण या परिवहन के लिए भेजने से पहले अस्थायी रूप से टैंकों में रखा जाता है।
कंपनी ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
कंपनी ने शनिवार को बताया था कि केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा स्थिति पर करीबी नजर रखे हुए हैं।
डिब्रूगढ़ से लोकसभा सदस्य सोनोवाल ने ऑयल इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक रंजीत रथ को फोन करके स्थिति की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री शर्मा ने अपने प्रधान सचिव को ऑयल इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के संपर्क में रहने का निर्देश दिया है, ताकि घायलों को सर्वोत्तम संभव चिकित्सा सुविधा और मृतकों के परिजनों को पर्याप्त मुआवजा सुनिश्चित किया जा सके।
भाषा अमित सुभाष
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