Tuesday, 5 July, 2022
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हैदराबाद हत्याकांड की पीड़िता सुल्ताना ने कहा ‘नागाराजू की जान बचाने में किसी ने मदद नहीं की’

अपने पति को पीटे जाने पर मदद ना करने वाले लोगों पर गुस्सा जाहिर करते हुए सुल्ताना ने कहा कि अगर वो चाहते तो मदद कर सकते थे लेकिन किसी ने नहीं की.

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नई दिल्ली: नागाराजू पर हमले के दौरान अपनी बेबसी का जिक्र करते हुए पत्नी अश्रीन सुल्ताना ने शुक्रवार को कहा कि वो अपने भाई से अपने पति की जान बख्श की भीख मांगती रही लेकिन उसने उसकी एक नहीं सुनी और नागाराजू को मार डाला.

गौरतलब है कि मुस्लिम महिला अश्रीन सुल्ताना से शादी करने के लिए हैदराबाद की सड़क पर एक दलित लड़के नागाराजू की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में सुल्ताना का भाई मोहम्मद मसूद अहमद के साथ उसका भाई सैयद मोबिन अहमद भी आरोपी है.

मोहम्मद मसूद अहमद और सैयद मोबिन अहमद को गुरुवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और एससी और एसटी के उल्लंघन के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. राचकोंडा पुलिस ने कहा कि मामले की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा.

इसके साथ ही पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड और चाकू को जब्त कर लिया है. वहीं, तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने इस मामले में शुक्रवार को राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.

वहीं, सुल्ताना ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा, ‘मेरा भाई मेरी शादी के खिलाफ था. मेरे पति ने पहले मेरे भाई से कहा था कि वह मुस्लिम बन जाएगा और मुझसे शादी करेगा लेकिन मेरे भाई नहीं माना. शादी से पहले भी मेरे भाई ने मुझे पीटा था क्योंकि मैं उससे शादी करना चाहती थी.’

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सुल्ताना ने कहा कि उसे शुरू में नहीं पता था कि उसका भाई हमलावरों में से एक था जब तक कि उसने उसका चेहरा नहीं देखा.

उसने कहा, ‘हम घर जा रहे थे कि मेरा भाई एक और शख्स के साथ मोटरसाइकिल पर आया और मेरे पति को धक्का दिया और उसे पीटने लगे. शुरुआत में, मुझे नहीं पता था कि हमलावर मेरा भाई है. वो उसके सिर पर वार करते रहे, बहुत खून बह रहा था. मैंने अपने आसपास के लोगों से मदद मांगी लेकिन कोई आगे नहीं आया. मैंने अपने भाई का चेहरा देखा. मैंने उससे विनती की कि मेरे पति को छोड़ दो और उसे पीटना बंद कर दो लेकिन उसने मेरी एक नहीं सुनी. नागराजू ने अपना हेलमेट पहना हुआ था लेकिन हमले की वजह से वह क्षतिग्रस्त हो गया और उसके सिर पर भी काफी चोट आई थी.’

अपने पति को पीटे जाने पर मदद ना करने वाले लोगों पर गुस्सा जाहिर करते हुए सुल्ताना ने कहा कि अगर वो चाहते तो मदद कर सकते थे लेकिन किसी ने नहीं की.

जब मेरे पति को पीटा जा रहा था तो मैंने आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई लेकिन किसी ने भी मदद नहीं की.


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