नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ SC/ST (अत्याचार रोकथाम) एक्ट की संबंधित धाराएं लगाई हैं. स्वतंत्र भारद्वाज हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर है, जो अब वायरल हो रहा है. उसका दावा है कि उसने जुलाई में CJP प्रोटेस्ट के दौरान कंटेंट क्रिएटर निशु आज़ाद के पिता का सिर “फोड़ दिया” था और इसके लिए “वह जेल भी नहीं गया”.
निशु ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्यों के साथ शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया और मामले के एक अन्य आरोपी भारद्वाज और सूरज की गिरफ्तारी की मांग की. वे यह भी मांग कर रहे थे कि पुलिस दोनों के खिलाफ हत्या की कोशिश का चार्ज लगाए.
दिल्ली पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया कि हत्या की कोशिश का चार्ज लगाने की मांग के बारे में, एक्सपर्ट मेडिकल राय के आधार पर इस पर विचार किया जाएगा.
CJP ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था. उसका मकसद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग को सामने रखना था. यह प्रदर्शन नीट (यूजी) 2026 पेपर लीक को लेकर बढ़ी चिंताओं के बीच किया गया था. 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च किया. इस दौरान हिंसा हो गई. आंसू गैस के गोले छोड़े गए, पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया और कई पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए. प्रदर्शनकारियों के खिलाफ करीब 13 एफआईआर दर्ज की गई थीं, लेकिन अब उन्हें रद्द कर दिया गया है.
इसके कुछ हफ्तों बाद स्वतंत्र भारद्वाज वाला एक पॉडकास्ट वायरल हो गया. भारद्वाज खुद को कॉलेज का छात्र बताता है. इस पॉडकास्ट में वह दावा करता दिखाई दे रहा है कि उसने एक कंटेंट क्रिएटर के पिता का “सिर फोड़ दिया” और इस काम के लिए उसे “जेल भी नहीं जाना पड़ा.”
मुझे अब नेता विपक्ष @RahulGandhi से उम्मीद है वो हमें न्याय जरूर दिलाएंगे।
मैं लडूंगी और इस लड़ाई को जीतूंगी। pic.twitter.com/PDErZcnauV
— Nishu Aazad (@Nishuazad11) September 3, 2026
भारद्वाज ने हिंदी पॉडकास्ट में कहा, “मैंने निशु के पिता का सिर फोड़ दिया. आपको पता है ऐसे केस में कौन सी धारा जोड़ी जाती है. सेक्शन 307 हाफ मर्डर लगता है. उनके सिर पर सात टांके लगे थे. वह लगभग मर रहे थे और एम्बुलेंस में जा रहे थे. उनकी बेटी पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी थी और कह रही थी, अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला, तो वह ज़हर खाकर मर जाएगी.”
उन्होंने आगे कहा, “स्वतंत्र अगले दिन बाहर आ गया. मैं जेल भी नहीं गया. मैं पूरी रात घूमता रहा. पूरी दुनिया को यह पता होना चाहिए.”
भारद्वाज ने राजनीतिक नेताओं के नाम लेते हुए कहा, “कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई जैसे हैं. ये लोग (CJP) कह रहे हैं कि कपिल मिश्रा का फ़ोन आया और मुझे छोड़ दिया गया. कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं, चिराग पासवान मेरे बड़े भाई हैं, सब. मुझे बताओ तुम किस नेता को जानते हो? तुम मोदी जी को जानते हो? मोदी जी भी मेरे बड़े भाई हैं. मुझे सबका सपोर्ट हैय”
जब भारद्वाज से पूछा गया कि CJP के प्रदर्शन के दौरान उसके जैसे सादे कपड़ों में मौजूद लोगों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जिन डंडों का इस्तेमाल किया, वे उसे कहां से मिले, तो भारद्वाज ने अपने जूते की ओर इशारा करते हुए कहा, “यह जूता दिल्ली पुलिस का है. हम दिल्ली पुलिस में शामिल होने के लिए फॉर्म नहीं भरते. हम अपने आप उनमें शामिल हो जाते हैं.”
भारद्वाज के फेसबुक पेज के मुताबिक, वह दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) का छात्र है. वह पटना का रहने वाला है और फिलहाल दिल्ली में रहता है. वह नियमित रूप से सनातन और हिंदुत्व से जुड़ा कंटेंट पोस्ट करता है.
केस दर्ज, कार्रवाई की गई
पॉडकास्ट में कही गई बातों पर सवाल उठाते हुए CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “क्या यह सच है @CPDelhi? अपराधी गिरोह के सदस्य खुलेआम पुलिस अधिकारी बनकर घूम रहे हैं—क्या यह देश की राजधानी में सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा नहीं है? क्या इसी वजह से कानून-व्यवस्था इतनी खराब है?”
इस पर सफाई देते हुए, दिल्ली के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (नई दिल्ली) सचिन शर्मा ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि गाजियाबाद के रहने वाले संजय कुमार (38) को 23 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई में एक आरोपी के हाथ में पहने कड़े से सिर में चोट लगी थी.
डीसीपी ने कहा, “राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल जांच की थी और चोट को सामान्य बताया था. चोट किसी हथियार से नहीं, बल्कि कड़े से लगी थी.” उन्होंने आगे साफ किया कि “सिर की हड्डी में दरार होने की जो गलत जानकारी दी जा रही है, उसका तथ्यों या किसी मेडिकल-लीगल केस से कोई समर्थन नहीं मिलता और यह पूरी तरह बेबुनियाद है.”
Is this true @CPDelhi? Criminal gang members openly masquerading as Police officers—is this not a very urgent security threat in capital of the country? Is this why law & order situation is so bad? https://t.co/l14aJdJq4n
— Saurav Das (@SauravDassss) September 3, 2026
पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है. DCP ने दिप्रिंट को बताया, “उन्हें मौके से हिरासत में लिया गया था और जांच के दौरान सूरज कुमार (24) और स्वतंत्र भारद्वाज (21) को कानून के मुताबिक नोटिस दिए गए और उनसे पूछताछ की गई. कानूनी कार्रवाई की गई है और जल्द ही सक्षम अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी.”
गिरफ्तारी की मांग
इस बीच, CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने एक्स पर लिखा, “मैं आपको बताता हूं कि जंतर-मंतर पर हमारे प्रदर्शन में BJP के संरक्षण वाले गुंडे स्वतंत्र भारद्वाज ने दलित व्यक्ति संजय पर हमला करने के बाद वास्तव में क्या किया.”
दास ने एक-एक करके अपनी बात बताते हुए आरोप लगाया कि “संजय की सिर की हड्डी फट गई थी.”
Allow me to tell you what exactly happened after BJP-protected goon Swatantra Bhardwaj's attack on Dalit man Sanjay at our Jantar Mantar protest:
– Sanjay ji's skull was cracked open. The wound dimensions were of such great size that it obviously warranted an Attempt to Murder…
— Saurav Das (@SauravDassss) September 3, 2026
उन्होंने कहा, “चोट इतनी बड़ी थी कि एफआईआर में हत्या की कोशिश का केस (IPC की धारा 307) जरूर बनना चाहिए था. पुलिस ने यह धारा लगाने से मना कर दिया. इस धारा के तहत तुरंत गिरफ्तारी हो सकती थी, क्योंकि यह ऐसा अपराध है जिसमें पुलिस बिना वारंट के गिरफ्तारी कर सकती है और जमानत आसानी से नहीं मिलती. इस गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस ने साफ तौर पर यह धारा लगाने से मना कर दिया.”
इस बीच, दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में BNS के सेक्शन 115(2) (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 125(2) (दूसरों की जान या पर्सनल सेफ्टी को खतरे में डालने वाला काम), और 3(5) (कॉमन इंटेंशन) का ज़िक्र किया है.
DCP ने आगे साफ किया, “इस मामले में किसी तरह के गलत दबाव या दखल का कोई भी आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत और बेबुनियाद है. इस मामले में कानून और तय प्रक्रिया के मुताबिक ही कार्रवाई की गई है.”
14 साल की निशु आज़ाद, जो एक कंटेंट क्रिएटर हैं और संजय की बेटी हैं, ने दिप्रिंट को बताया कि वह रेगुलर तौर पर यूथ अफेयर्स के बारे में कंटेंट बनाती रही हैं, और CJP प्रोटेस्ट में जाती रही हैं. यह घटना 23 जुलाई को हुई, जब वह और उनके पिता अपने सोशल मीडिया पेज के लिए प्रोटेस्ट के वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे.
उन्होंने कहा, “मेरे पिता ने प्रोटेस्ट की शूटिंग शुरू की, तभी अचानक, स्वतंत्र और कुछ लोगों ने मेरे पिता पर हमला कर दिया. यह कुछ ही मिनटों में हुआ. फिर दिल्ली पुलिस आई, और स्वतंत्र ने मेरे पिता को हाथ में पहने हुए कड़े से मारा. उनके सिर में सात टांके लगे.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
यह भी पढ़ें: कर्नाटक के सीएम शिवकुमार ने 10 मंत्रियों की GoM बनाई, कैबिनेट से पहले अहम मुद्दों पर होगी चर्चा