नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने चेकोस्लोवाकिया की एक महिला से बलात्कार के आरोपी “आध्यात्मिक गुरु” को जमानत देने से इनकार कर दिया।
महिला के पति के निधन के बाद के अनुष्ठानों के लिये आध्यात्मिक गुरु द्वारा उसका मार्गदर्शन किया जा रहा था।
आरोपी ने आरोपों से इनकार किया है और तर्क दिया कि महिला ने उसके साथ प्रयागराज, बनारस और गया सहित कई जगहों पर स्वतंत्र रूप से यात्रा की और उनके बीच कोई भी शारीरिक संबंध सहमति से बने थे।
न्यायमूर्ति अनूप जयराम भंभानी ने कहा कि वह इस चरण में आरोपी याचिकाकर्ता को राहत देने के लिए “राजी नहीं” है और उन्होंने कहा कि केवल इसलिए कि पीड़िता ने उनके साथ रहने के लिए सहमति दी, यह यौन संबंध के लिए उसकी सहमति का अनुमान लगाने का आधार नहीं हो सकता है।
भाषा जितेंद्र दिलीप
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