चंडीगढ़, 17 अक्टूबर (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में हावी रही ‘पर्ची-खर्ची की संस्कृति’ (सिफारिश और रिश्वतखोरी की संस्कृति) को खत्म कर राज्य पिछले 12 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार के तहत लगातार प्रगति कर रहा है।
हरियाणा में लगातार तीसरी बार बनी भाजपा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सैनी ने यह बात कही।
विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए सैनी ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हरियाणा में भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, डर, पक्षपात, क्षेत्रीय भेदभाव और ‘पर्ची-खर्ची’ (नौकरी के लिए सिफारिश और रिश्वत का चलन) का बोलबाला था।
दोनों दलों की तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके विपरीत, भाजपा सरकार सत्ता को केवल शासन चलाने का जरिया नहीं, बल्कि जनता की सेवा का अवसर मानती है। उन्होंने कहा कि राज्य की हर नीति और फैसले के केंद्र में हरियाणा के 2.80 करोड़ नागरिकों की आकांक्षाएं और उनका कल्याण है।
सैनी ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान सरकारी भर्तियों में योग्यता को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया था और राजनीतिक सिफारिशों तथा पैसों के लेनदेन के आधार पर नौकरियां दी जाती थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में धांधली और घोटाले चरम पर थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार की नीतियों ने न केवल हरियाणा के विकास को बाधित किया, बल्कि योग्य और मेधावी नागरिकों को उनके हक से भी वंचित रखा।
भाषा सुमित रंजन
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