scorecardresearch
Wednesday, 7 October, 2026
होमदेश‘कॉकरोच’ 10 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए फिर जंतर-मंतर पहुंचेंगे

‘कॉकरोच’ 10 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए फिर जंतर-मंतर पहुंचेंगे

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और छात्र व सिविल सोसाइटी संगठनों ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन में युवा और विपक्ष की आवाज़ें एक साथ आएंगी.

Text Size:

नई दिल्ली: ‘ज्ञानेश, इट्स डन, ब्रो!’ लिखा पोस्टर लेकर अखिल भारतीय छात्र संघ (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कई दूसरे छात्र और सिविल सोसाइटी संगठनों के साथ बुधवार को 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया.

बोरा ने कहा, “10 अक्टूबर बीजेपी और आरएसएस को यह दिखा देगा कि 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान हमने जो उल्टी गिनती शुरू की थी, वह अब बहुत तेज़ी से आगे बढ़ गई है. उन्हें सावधान रहना चाहिए कि अगली बारी में कहीं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री न हों.”

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की उस सफाई का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयोग के Form 6 में किया गया बदलाव उसकी मंजूरी से नहीं हुआ था. उन्होंने आगे कहा, “इससे पता चलता है कि ज्ञानेश कुमार को भी उसी तरह हटाने की तैयारी हो रही है, जिस तरह धर्मेंद्र प्रधान को हटाया गया था. अब ज्ञानेश कुमार की बारी है, लेकिन बीजेपी और आरएसएस के सिस्टम का हिस्सा हर व्यक्ति को याद रखना चाहिए कि अगर BJP का साथ छोड़ने का कभी कोई सही समय था, तो वह अब है. बीजेपी सरकार के लिए जो भी व्यक्ति परेशानी पैदा करता है, उसे हटा दिया जाएगा, चाहे आप कितने भी वफादार क्यों न रहे हों. इसलिए अगर आप इतिहास के सही पक्ष में रहना चाहते हैं, तो BJP का साथ छोड़ने का यही समय है.”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे. इनमें कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी), आइसा, स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) और आम आदमी पार्टी की छात्र शाखा, एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स (एएसएपी) शामिल थे.

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में बोरा ने पिछले कुछ दिनों की घटनाओं का जिक्र किया और कहा, “हम देखते हैं कि जब देश के आम नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन हो रहा होता है, तो इस प्रक्रिया में जो जनप्रतिनिधि सच में जनता के प्रतिनिधि हैं, वे सड़कों पर उतरते हैं. हम देखते हैं कि एलओपी और INDIA bloc की अलग-अलग पार्टियां लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरती हैं. वे साबित करते हैं कि लोकतंत्र को बचाने की इस लड़ाई में सभी विपक्षी पार्टियां और इस देश के आम लोग एक तरफ हैं और दूसरी तरफ सिर्फ ECI और BJP हैं.”

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र बचाने की यह लड़ाई पार्टियों की लाइन या छात्र संगठनों के बैनर से बंटी हुई नहीं है.

उन्होंने कहा, “उस लड़ाई का सिर्फ एक नाम है और वह है, ‘हम भारत के लोग’ बनाम बीजेपी.” उन्होंने बताया कि प्रदर्शन का यह आह्वान इस समझ के साथ किया गया है कि इसे और बड़ा करना होगा, ताकि यह प्रभावी बना रहे.

उन्होंने आगे कहा, “हम जानते हैं कि यह लड़ाई न तो अकेले लड़ी जा सकती है और न ही इसे अकेले लड़ा जाना चाहिए…10 अक्टूबर के आह्वान में इस मंच पर सभी छात्र, युवा और सिविल सोसाइटी संगठन होंगे.” उन्होंने कहा, “पिछली बार जब ये सभी लोग एक साथ एक ही बात पर खड़े हुए थे, तब एक केंद्रीय मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था. इस बार वह ईसीआई होगा.”

बोरा ने कहा कि अब हर कोई जानता है कि अगर बीजेपी-आरएसएस के सिस्टम को हराना है, तो सभी को एक साथ आना होगा. उन्होंने कहा, “10 अक्टूबर का यह आह्वान इतना बड़ा होगा कि बीजेपी-आरएसएस सिस्टम ने इसकी उम्मीद भी नहीं की होगी… यह लोकतंत्र BJP पर निर्भर नहीं है, न कभी था और न कभी होगा. इस देश का लोकतंत्र हमेशा आम लोगों के हाथ में रहा है और हमेशा रहेगा.”

उन्होंने कहा कि सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरे देश से लोग प्रदर्शन में शामिल होंगे और उन्हें जंतर-मंतर पहुंचना चाहिए.

सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के लिए नोटिस देने के बाद मीडिया से बात की. उन्होंने कहा, “CJP और देश के सभी युवा, यानी सभी साथी, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने वाले हैं. हमने दिल्ली पुलिस को औपचारिक रूप से इसकी जानकारी दे दी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए हमारे साथ सहयोग करने का अनुरोध किया है.”

उन्होंने दावा किया कि उनकी बातचीत के आधार पर दिल्ली पुलिस ने Das से एक लिखित आश्वासन भी लिया है.

उन्होंने कहा, “हमने जरूरी सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं और आश्वासन भी दे दिया है. हमें उम्मीद है कि दिल्ली पुलिस सहयोग करेगी… देश के युवा एक बार फिर सड़कों पर उतर रहे हैं और इस बार वे तब तक सड़कों से नहीं हटेंगे, जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते. मैं फिर से कहना चाहता हूं कि यह सिर्फ CJP का आंदोलन या प्रदर्शन नहीं है. यह Gen-Z और युवाओं का प्रदर्शन है…हमारा नारा है ‘चलो दिल्ली’.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: भारत का Gen-Z लड़ रहा है, प्रार्थना नहीं कर रहा—ये प्रदर्शन सिर्फ राजनीति तक सीमित क्यों नहीं


 

share & View comments