नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) रेल मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि ट्रेन संचालन की समयबद्धता में गिरावट का दावा करने संबंधी सोशल मीडिया पर प्रसारित आंकड़े “भ्रामक” हैं और पिछले आठ साल में रेल परिचालन में काफी सुधार आया है।
अधिकारियों ने कहा कि भारी मांग के बावजूद, भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में भी काफी सुधार किए हैं।
उन्होंने कहा कि बेहतर निगरानी, समय-सारणी को तर्कसंगत बनाने, बेहतर रखरखाव और बुनियादी ढांचे के उन्नयन के जरिए यह हासिल किया गया है।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ अगर हम समयबद्धता के आंकड़ों को देखें, तो इसमें सुधार हुआ है। यह 2018-19 में 69.2 प्रतिशत था, जो 2025-26 में बढ़कर 77.43 प्रतिशत हो गया और 2026-27 में (अब तक) 77.11 प्रतिशत रहा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पिछले तीन वर्षों (मौजूदा वर्ष सहित) में 77 प्रतिशत से अधिक की लगातार समयबद्धता, 2023-24 के मुकाबले एक सुधार को दर्शाती है, जब समयबद्धता 73.62 प्रतिशत थी।’’
अधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया पर साझा किये जा रहे आंकड़ों को उनके संदर्भ से हटकर इस्तेमाल किया जा रहा है और इसलिए वे ‘गुमराह करने वाले’ हैं।
उन्होंने तर्क दिया कि जिन वर्षों में भारत में ट्रेनें अपनी पूरी क्षमता से नहीं चल रही थीं, उन वर्षों के आंकड़ों की तुलना सामान्य परिचालन अवधि के आंकड़ों से नहीं की जा सकती।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए, कोविड काल के दौरान भारतीय रेलवे द्वारा दर्ज की गई बेहतर समय-पालन दर तुलना के लिए एक उचित पैमाना नहीं है। जब सामान्य परिचालन फिर से शुरू हुआ, तो समय-पालन दर वापस अपने दीर्घकालिक औसत के करीब आ गई और इसमें लगातार सुधार हो रहा है।’’
भाषा राजकुमार प्रशांत
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