शाजापुर (मध्यप्रदेश), 28 अक्टूबर (भाषा) मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को शाजापुर जिले में दक्षिण अफ्रीका के सहयोग से वन विभाग द्वारा बोमा पद्धति से चलाए जा रहे कृष्णमृग एवं नीलगाय के बचाव अभियान का निरीक्षण किया और कहा कि प्रदेश सरकार फसलों की रक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा भी सुनिश्चित कर रही है।
जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी दूर स्थित रंथभवंर में मुख्यमंत्री यादव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण तथा प्रकृति एवं वन्यजीवों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत किसानों की फसलों को जंगली जानवरों, विशेषकर कृष्णमृग एवं नीलगाय से होने वाले नुकसान से बचाने के साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं।’
उन्होंने बताया कि शाजापुर जिले में किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पिछले वर्ष बोमा पद्धति से कृष्णमृग एवं नीलगाय के लिए बचाव अभियान प्रारंभ किया गया था।
इस अभियान के तहत दक्षिण अफ्रीका की विशेष टीम की सहायता से वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर निर्धारित सुरक्षित वन क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है।
बोमा पद्धति दक्षिण अफ्रीका में काफी लोकप्रिय है। इसमें हेलीकॉप्टर की मदद से जानवरों को हांका जाता है और उनका पीछा करके एक बाड़े में पहुंचाया जाता है।
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि अभियान के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि वन्यजीवों को किसी प्रकार की चोट न पहुंचे।
उन्होंने बताया कि अब तक शाजापुर जिले से लगभग 1236 से अधिक कृष्णमृगों और नीलगायों का सुरक्षित निकाला जा चुका है और उन्हें श्योपुर के जंगलों, गांधी सागर एवं रानी दुर्गावती वन अभयारण्य सहित निर्धारित वन क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इसके लिए 11 ट्रकों की व्यवस्था की गई है और वन्यजीवों के सुरक्षित परिवहन के लिए पशु चिकित्सकों, आवश्यक उपकरणों तथा अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हेलीकॉप्टर की सहायता से बोमा पद्धति पर आधारित वन्यजीव बचाव का यह अभियान दक्षिण एशिया में अपनी तरह का पहला प्रयास है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से वन्यजीवों का संरक्षण करने के साथ-साथ किसानों की फसलों को नुकसान से बचाने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने अभियान में जुटे वन विभाग एवं प्रशासन की टीम के प्रयासों की सराहना भी की तथा विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना की सफलता से देश के अन्य राज्यों को भी ऐसी पहल करने की प्रेरणा मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि यह अभियान शाजापुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 9 अक्टूबर को आरंभ हुआ है जो 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इसके तहत 2,000 कृष्णमृगों के स्थानांतरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
भाषा सं ब्रजेन्द्र
मनीषा वैभव
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