नयी दिल्ली, 19 दिसंबर (भाषा) प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की शुक्रवार को प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी यात्रा इस बात का उदाहरण है कि अब अब संभावनाओं की कोई सीमा नहीं है।
शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री हैं। वह 25 जून से 15 जुलाई तक आईएसएस के एक्सिओम-4 वाणिज्यिक मिशन का हिस्सा थे।
‘एनडीटीवी इंडियन ऑफ द ईयर अवार्ड्स 2025’ में प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि सम्मानित किए जा रहे प्रतिभाशाली व्यक्तियों को देखकर वह बहुत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम उन लोगों को सम्मानित करता है जिनकी पहचान केवल उनकी जीत से नहीं, बल्कि उन सवालों से होती है जिन्हें पूछने का उन्होंने साहस दिखाया और आगे बढ़ने की हिम्मत दिखाई।
उन्होंने कहा कि विविध प्रतिभाओं को पहचानना इस बात की पुष्टि करता है कि परंपरा में हर कौशल, हर आवाज़ और हर दृष्टिकोण का अपना स्थान है।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘हमारे बीच ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला भी हैं, जिन्होंने हमारी समझ को मौलिक रूप से बदल दिया और जिनकी यात्रा इस बात का उदाहरण है कि संभावनाओं की कोई सीमा नहीं है, बल्कि यह वास्तव में एक नया क्षेत्र है जिनमें खोज और महारत हासिल की जानी है।’
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि जीवन में बहुत कम पल इतने प्रेरणादायक होते हैं जितने कि आज रात, जब योग्य व्यक्तियों को उनकी प्रतिभा के लिए सम्मान प्राप्त करते देखना संभव हुआ।
उन्होंने कहा, ‘मैं सबसे पहले एनडीटीवी को इस शाम को हर मायने में असाधारण रूप से आयोजित करने के लिए बधाई देना चाहता हूं। इतनी प्रतिभाओं को एक मंच पर एकत्रित करना एक दुर्लभ उपलब्धि है।’
उन्होंने कहा कि प्रत्येक सम्मान संघर्ष, दृढ़ता और अपनी क्षमता पर भरोसा रखने की कहानी बताता है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने फिल्म निर्माता नीरज घेवन को उनकी फिल्म ‘होमबाउंड’ के लिए वर्ष का सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार प्रदान किया।
भाषा आशीष पवनेश
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