रायपुर, 14 जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ विधानसभा ने लगभग छह घंटे चली लंबी चर्चा के बाद मंगलवार रात को एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया जिसमें राज्य से नक्सलवाद का सफाया करने में ‘‘ऐतिहासिक सहयोग’’ देने के लिए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया गया है।
संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप द्वारा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन पेश किए गए इस प्रस्ताव को विपक्षी कांग्रेस सदस्यों की अनुपस्थिति में स्वीकार कर लिया गया। कांग्रेस ने इस चर्चा का बहिष्कार किया था।
प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘छत्तीसगढ़ ने दशकों तक वामपंथी उग्रवाद की गंभीर चुनौती का सामना किया है, जिसके दौरान कई नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों ने बलिदान दिया। केंद्र सरकार के सक्रिय सहयोग से हमारी सरकार ने इस चुनौती पर प्रभावी ढंग से नियंत्रण पा लिया है और नक्सलवाद के खतरे को समाप्त कर दिया है।’’
प्रस्ताव के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र बल, रणनीतिक सहयोग और सुरक्षा के लिए आवश्यक संसाधन प्रदान किए। इसके साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास गतिविधियों के लिए अभूतपूर्व सहायता दी गई। राज्य के दृढ़ संकल्प और केंद्र की सुरक्षा व विकास नीतियों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है।
प्रस्ताव में कहा गया, ‘‘इसलिए, यह सदन ऐतिहासिक सहयोग के लिए केंद्र सरकार के प्रति अपना हार्दिक आभार व्यक्त करता है।’’
चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के साहस और बस्तर के लोगों के समर्थन से दशकों पुरानी नक्सली हिंसा की चुनौती पर काबू पाकर छत्तीसगढ़ अब शांति, सुरक्षा और विकास के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है।
भाषा
खारी वैभव
वैभव
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.