जयपुर, 11 अक्टूबर (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन को दबाने की कोशिश कर रही है और देश में स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।
गहलोत ने दिल्ली रवाना होने से पहले जयपुर स्थित अपने आवास पर संवाददाताओं से कहा कि विभिन्न राज्यों से प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रहे लोगों को रेलवे स्टेशनों पर हिरासत में लिया जा रहा है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘ये हमारे ही देशवासी हैं, कोई बाहरी नहीं। सरकार खुद दिल्ली में अराजकता और भय का माहौल बना रही है।’’
गहलोत ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए दिल्ली में कड़े प्रतिबंध लगाए गए और रेल, बस तथा मेट्रो सेवाएं बाधित की गईं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इन प्रतिबंधों के बावजूद विभिन्न राज्यों से युवा और आम नागरिक प्रदर्शन में शामिल होने पहुंच रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर सरकार लोकतंत्र में विश्वास करती है तो उसे विपक्ष को बातचीत के लिए बुलाना चाहिए था।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ अनुचित व्यवहार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद असहमति का सम्मान करना है।
गहलोत ने दावा किया कि राहुल गांधी करीब दो साल से कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायतों का जिक्र करते हुए दावा किया कि 93 प्रतिशत शिकायतें सही पाई गई हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ दुर्व्यवहार किया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दक्षिणपंथी विचारधारा से जुड़े 150 से 200 कार्यकर्ता प्रदर्शनकारियों, विशेषकर युवाओं को परेशान कर रहे थे।
गहलोत ने सरकार से राहुल गांधी, खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के अन्य नेताओं और युवा प्रदर्शनकारियों से तत्काल बातचीत शुरू करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन दबाने के बजाय सरकार को संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा की लोकप्रियता घट रही है और पार्टी अगले चुनाव में सत्ता में नहीं लौटेगी।
भाषा बाकोलिया जितेंद्र
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