नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है. उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) के 150 विद्यार्थियों ने अपने तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए. इनमें से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 12 विद्यार्थियों की ‘टीम 12’ बनाई गई है, जो अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में भागीदारी के लिए तैयार होगी.
विद्यार्थियों ने ब्राविटी के सीईओ पवन शर्मा और केआईपीएल के सीईओ पराग शेंडे के समक्ष अपने नवाचारों का प्रेजेंटेशन दिया. पवन शर्मा अमेरिका में एआई, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कार्यरत हैं. इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़ाकर वास्तविक समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है.
यूपीएसआईएफएस के संस्थापक निदेशक जीके गोस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप तकनीक आधारित फॉरेंसिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है. इससे विद्यार्थियों की अनुसंधान क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
निमिषा सिंह के नेतृत्व में तैयार टीम में ईशानी पांडे, ईशानी ओझा, सिद्धि वत्स, साक्षी गहलोत समेत 12 विद्यार्थी शामिल हैं. यह पहल तकनीक, विधि और फॉरेंसिक विज्ञान के समन्वय से अनुसंधान और उद्यमिता के नए अवसर खोल सकती है.