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Saturday, 18 April, 2026
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केरल में ‘लव जिहाद’ के मामले बढ़ें, धर्मांतरण रोधी कानून बनाया जाए : विहिप

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कोच्चि, 18 अप्रैल (भाषा) विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने शनिवार को आरोप लगाया कि केरल में ‘‘लव जिहाद’’ की घटनाएं बढ़ रही हैं और इस मुद्दे से निपटने के लिए एक सख्त धर्मांतरण रोधी कानून की जरूरत है।

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय महासचिव मिलिंद परांडे ने यहां एक कार्यक्रम में प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान सुर्खियों में आई एक युवती और एक मुस्लिम पुरुष के विवाह का उदाहरण दिया।

उन्होंने दावा किया कि आदिवासी समुदाय से संबंध रखने वाली यह लड़की राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) के अनुसार नाबालिग थी और उसे मध्य प्रदेश से ‘अपहृत’ करके केरल लाया गया था।

विहिप महासचिव ने आरोप लगाया कि लड़की को बचाने के प्रयास करने के बजाय, उसे केरल लाने वाले व्यक्ति को राजनीतिक संरक्षण दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की कम्युनिस्ट सरकार के रुख के कारण केरल ‘लव जिहादियों के लिए पनाहगाह’ बन गया है।

परांडे ने दावा किया कि मुस्लिम लड़कियां बड़े पैमाने पर ‘लव जिहाद’ गतिविधियों में संलिप्त हैं। हालांकि, उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।

विहिप नेता ने कहा, ‘‘इसलिए, पूरे मुस्लिम समुदाय को इस बारे में सोचना चाहिए कि क्या हो रहा है और किस तरह की गतिविधियों की अनुमति दी जा रही है, जिसके कारण समाज के अन्य सदस्य खुद को खतरे में महसूस करते हैं।’’

परांडे ने स्थिति को ‘चिंताजनक’ बताते हुए आरोप लगाया कि समुदाय का एक विशेष वर्ग ‘‘जानबूझकर लव जिहाद जैसी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।’’

उन्होंने विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में हाल ही में प्रस्तावित संशोधनों का भी उल्लेख किया, जिन्हें बाद में केंद्र द्वारा अस्थायी रूप से वापस ले लिया गया था। विहिप नेता ने आरोप लगाया कि कुछ मिशनरी समूह विद्यालयों, अस्पतालों और अन्य धर्मार्थ कार्यों के संचालन की आड़ में धार्मिक धर्मांतरण करने के लिए विदेशी धन का उपयोग कर रहे हैं।

परांडे ने कहा, ‘‘इसका उद्देश्य अवैध, असामाजिक और हिंदू विरोधी है। हम इसे सेवा कैसे कह सकते हैं? केवल मिशनरी संस्थाएं ही अवैध गतिविधियां करती हैं, और उनकी तुलना हिंदू मंदिरों से नहीं की जा सकती, जो ऐसी गतिविधियां नहीं करते।’’

उन्होंने ये टिप्पणियां एक ईसाई पादरी के उस बयान के संदर्भ में कीं, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि हिंदू मंदिर धन का संचय कर रहे हैं।

विहिप नेता ने यह भी सवाल उठाया कि राज्य में केवल हिंदू मंदिरों का प्रबंधन सरकार द्वारा क्यों किया जाता है जबकि, मस्जिदों और चर्चों का नहीं। उन्होंने इसे ‘भेदभावपूर्ण’ करार दिया।

भाषा धीरज पवनेश

पवनेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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