नयी दिल्ली, 21 अक्टूबर (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों के तहत निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे को एकत्र करने से जुड़े 125 स्थलों पर निगरानी कैमरे लगाए हैं और अवैध रूप से कचरा फेंकने, धूल प्रदूषण तथा खुले में जैविक कचरा जलाने के खिलाफ कार्रवाई के लिए संयुक्त प्रवर्तन दल तैनात किए हैं।
एमसीडी ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा कि 360 डिग्री तक घूमने वाले ‘पैन-टिल्ट-जूम’ कैमरों से दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) को चौबीसों घंटे निगरानी की जानकारी मिलती रहेगी। निकाय ने निर्माण संबंधी मतलबे के अनधिकृत निस्तारण को रोकने के लिए सभी 250 वार्ड में निर्धारित कचरा स्थल तय किए हैं।
एमसीडी ने दिल्ली की सड़कों पर पानी के छिड़काव वाले 167 वाहन और 40 ‘एंटी-स्मॉग’ गन भी तैनात की हैं। इसके अलावा, सभी 12 जोन में धूल की समस्या वाले चिह्नित मार्गों पर गहन सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
संयुक्त प्रवर्तन दल निर्माण एवं तोड़फोड़ की गतिविधियों से होने वाले धूल प्रदूषण, अस्वीकृति ईंधन के इस्तेमाल, जैविक कचरा जलाने तथा निर्माण कचरे और कूड़े के अवैध निस्तारण के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। ये दल एमसीडी द्वारा बनाए और संचालित विकेंद्रीकृत कचरा भंडारण एवं निस्तारण स्थलों का भी निरीक्षण करेंगे।
एमसीडी ने निर्माण संबंधी कार्यों से निकलने वाले मलबे का प्रसंस्करण करने वाले संयंत्रों, कचरा निस्तारण के स्थलों, कचरे से ऊर्जा बनाने वाले संयंत्रों और ऊंची इमारतों समेत अपने प्रतिष्ठानों पर 40 अतिरिक्त ‘एंटी-स्मॉग गन’ लगाई हैं। प्रत्येक श्रेणी के प्रतिष्ठानों पर 20-20 एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) द्वारा घोषित ‘चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना’ (ग्रेप) के विभिन्न चरणों के अनुसार पानी के छिड़काव वाले वाहनों और एंटी-स्मॉग गन की तैनाती में बदलाव किया जाएगा।
भाषा प्रचेता संतोष
संतोष
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