रायपुर, 15 जुलाई (भाषा) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) ने छत्तीसगढ़ में जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफटी) के माध्यम से संचालित प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के क्रियान्वयन में वित्तीय और प्रक्रियागत अनियमितताओं का खुलासा किया है।
विधानसभा में पेश रिपोर्ट के अनुसार 2015-16 से 2023-24 के दौरान डीएमएफटी को 13,101.65 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिनमें से 10,253.22 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 30.73 करोड़ रुपये की डीएमएफटी निधि सरकारी कार्यालयों के निर्माण, नवीनीकरण, सौंदर्यीकरण और खरीद जैसे ऐसे कार्यों पर खर्च की गई, जो योजना के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल नहीं थे।
इसमें कहा गया कि वहीं, 709.47 करोड़ रुपये मुफ्त सामग्री वितरण के लिए आवंटित किए गए, जिनमें 28.11 करोड़ रुपये के मामलों में लाभार्थियों के चयन के स्पष्ट मानदंड नहीं मिले।
कैग ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रभावित क्षेत्रों की अधिसूचना, दीर्घकालिक कार्ययोजना और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने की सिफारिश की है।
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खारी वैभव
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