चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी ने बुधवार को चंडीगढ़ में पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा से उनके घर पर मुलाकात की.
कांग्रेस नेतृत्व ने 1 जुलाई को ऐलान किया था कि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे. हालांकि, चन्नी इस फैसले का विरोध कर रहे हैं और प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की मांग कर रहे हैं. जालंधर से सांसद चन्नी के समर्थन में पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता भी सामने आए हैं.
इस बीच, पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल को सौंप दी है. सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में राजा वड़िंग को ही प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने की सिफारिश की गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पंजाब के 29 में से 25 जिला अध्यक्ष और 7 में से 4 सांसद वड़िंग के समर्थन में हैं.
नई दिल्ली में वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद भूपेश बघेल ने साफ संकेत दिए कि पंजाब में नेतृत्व नहीं बदलेगा. उन्होंने कहा, “यह बच्चों का खेल नहीं है.”
बघेल इससे पहले चंडीगढ़ में भी यही बात कह चुके हैं. पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है और कांग्रेस ने चुनाव की तैयारियां तेज़ कर दी हैं.
विधानसभा चुनाव के लिए नई कांग्रेस टीम के ऐलान के बाद बघेल छह दिन तक चंडीगढ़ में रहे और कई नेताओं से मुलाकात की. आखिरी दिन उन्होंने चन्नी की अगुवाई वाले नाराज नेताओं से भी बातचीत की.
पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पंजाब में नेतृत्व बदलने की मांग कर रहे हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस आलाकमान सभी विकल्पों पर विचार कर रहा है.
मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की. इस बैठक में के.सी. वेणुगोपाल भी मौजूद थे. बुधवार सुबह वेणुगोपाल ने पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा से भी मुलाकात की. यह बैठक भूपेश बघेल से मिलने से पहले हुई.
उधर, आम आदमी पार्टी (AAP), बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने भी पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने बड़ी जीत हासिल कर कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर पहली बार पंजाब में सरकार बनाई थी.