रांची, दो नवंबर (भाषा) झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देशभर में पार्टी की निर्वाचित सरकारों को अस्थिर करने की विपक्षी दलों की कथित कोशिशों के खिलाफ जनसमर्थन जुटाने के लिए सोमवार को यहां मार्च निकाला।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में यह मार्च रांची के मोरहाबादी मैदान से शुरू हुआ और करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद जेल चौक स्थित बिरसा मुंडा संग्रहालय पहुंचकर समाप्त हुआ। इस पदयात्रा में पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, रांची के विधायक सीपी सिंह और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
यह मार्च भाजपा के देशव्यापी अभियान ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के तहत निकाला गया।
साहू ने कहा, “कांग्रेस अफवाहें फैलाकर लोगों को गुमराह कर रही है। विपक्षी दल भाजपा पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगा रहे हैं। अगर यह आरोप सही होता तो झारखंड में भाजपा की सरकार बनती। लोग विपक्ष के इस झूठे प्रचार को समझते हैं।”
इस बीच, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के प्रमुख नेताओं ने रविवार को नयी दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली को संबोधित किया।
इस रैली में कथित चुनावी अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ आवाज उठाई गई।
नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने केंद्र और विभिन्न राज्यों में ‘चुराए गए जनादेश’ के आधार पर सरकारें बनाई हैं।
भाजपा की झारखंड इकाई के अध्यक्ष साहू ने राज्य की झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है।
साहू ने आरोप लगाया, “राज्य में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंची एक महिला से थाने के अंदर दुष्कर्म किया गया। अब रक्षक ही भक्षक बन गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली में रैली में व्यस्त हैं।”
उनका इशारा सरायकेला-खरसावां जिले में एक महिला से थाने के अंदर कथित तौर पर दुष्कर्म किए जाने की घटना की ओर था।
महिला शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पहुंची थी।
भाषा जितेंद्र मनीषा
मनीषा
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.