scorecardresearch
Monday, 2 November, 2026
होमदेशदिल्ली मेट्रो में खालिस्तान समर्थक ग्रैफिटी लिखने के लिए कैसे तैयार हुए 2 पुरुष और एक महिला

दिल्ली मेट्रो में खालिस्तान समर्थक ग्रैफिटी लिखने के लिए कैसे तैयार हुए 2 पुरुष और एक महिला

पैसों का लालच, एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप और ग्रैफिटी के तैयार डिजाइन कथित तौर पर तीन युवाओं को दिल्ली ले आए, जहां उन्होंने दिलजीत को निशाना बनाते हुए दो मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तान समर्थक नारे लिखे.

Text Size:

नई दिल्ली: एक फ्रीलांस कंटेंट क्रिएटर, होटल कर्मचारी और सैलून कर्मचारी, जिन्होंने कथित तौर पर गायक और अभिनेता दिलजीत को निशाना बनाते हुए ‘खालिस्तान समर्थक’ ग्रैफिटी लिखी थी, उन्हें दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. पुलिस ने यह जानकारी दी.

पुलिस के अनुसार, आरोपियों में एक महिला भी शामिल है. उन्होंने कथित तौर पर दिल्ली के जहांगीरपुरी और शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशनों पर ग्रैफिटी लिखी थी.

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान हरियाणा के पानीपत निवासी सुमीत उर्फ रफ्तार, 30; पंजाब के गुरदासपुर निवासी सुमित कुमार उर्फ काका, 22 और पंजाब के होशियारपुर निवासी गुरप्रीत, 22 के रूप में हुई है.

स्पेशल सेल के अनुसार, 29 अक्टूबर को जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास फर्श पर ग्रैफिटी मिली थी. 30 अक्टूबर को शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 2 की सीढ़ियों की अंदरूनी दीवार पर इसी तरह की ग्रैफिटी मिली.

डीसीपी (स्पेशल सेल) नर्रा चैतन्य ने कहा, “दोनों मामलों में ग्रैफिटी पर लिखा था ‘दिलजीत सिंह कौम दा गद्दार खून दा बदला—एसएफजे खालिस्तान (दिलजीत गद्दार है, बदला लिया जाएगा—एसएफजे खालिस्तान)’. इसमें प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (एसएफजे) और खालिस्तानी विचारधारा का समर्थन किया गया था. इन घटनाओं से मेट्रो स्टेशनों की सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा और सार्वजनिक व्यवस्था तथा राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा पैदा हुआ.”

आजादपुर मेट्रो पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर और एनएसपी मेट्रो पुलिस स्टेशन में दूसरी एफआईआर दर्ज की गई. इनमें दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 2007 की धारा 3 (संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर सजा) और मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002 की धारा 62(2) (मेट्रो रेलवे में प्रदर्शन पर रोक) के तहत मामले दर्ज किए गए.

स्पेशल सेल ने जांच अपने हाथ में ली. सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच और स्थानीय खुफिया जानकारी के जरिए संदिग्धों की पहचान की गई. तकनीकी जांच से सुमीत उर्फ रफ्तार की पहचान की पुष्टि हुई. स्पेशल सेल की टीमों ने उसे गिरफ्तार किया और इस मामले में उसकी भूमिका का पता लगाया.

पुलिस ने कहा, “पूछताछ के दौरान लुधियाना, पंजाब में रहने वाले दो साथियों की भूमिका सामने आई. इसके बाद टीम ने उनकी पहचान और ठिकानों का पता लगाया, जिसके बाद सुमित कुमार उर्फ काका और उसकी साथी गुरप्रीत कौर को गिरफ्तार किया गया.”

‘आरोपियों ने कबूल किया’

पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 28 अक्टूबर 2026 को दिल्ली आने और जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर ‘खालिस्तान समर्थक’ ग्रैफिटी लिखने की बात कबूल की. वहीं, सुमित कुमार उर्फ काका और गुरप्रीत ने शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर ग्रैफिटी लिखने की बात कबूल की.

पूछताछ की जानकारी देते हुए पुलिस ने कहा, “पूछताछ के दौरान आरोपियों ने दोनों मेट्रो स्टेशनों पर ग्रैफिटी लिखने में अपनी सीधी भूमिका की पुष्टि की.”

पुलिस ने कहा, “सुमित कुमार उर्फ काका मुख्य रूप से इस काम के लिए लोगों को तैयार करने वाला था. वह लुधियाना और गुरदासपुर में एसएफजे/खालिस्तान विचारधारा के समर्थकों के संपर्क में आकर प्रभावित हुआ था. एक साथी ने उससे संपर्क किया और उसे बताए गए कामों के लिए एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप डाउनलोड करने को कहा.”

पुलिस ने आगे कहा, “इस प्लेटफॉर्म के जरिए एसएफजे के एक प्रमुख सदस्य ने ग्रैफिटी के लिए खास तैयार डिजाइन दिए. उसने सुमित उर्फ काका को प्रमुख मेट्रो स्थानों पर इन्हें लिखने के बदले बड़ी रकम देने की पेशकश की.”

इसके बाद सुमित उर्फ काका ने गुरप्रीत और सुमीत उर्फ रफ्तार को अपने साथ शामिल किया. पुलिस ने कहा, “व्यक्तिगत संबंध और दोस्ती के कारण दोनों दिल्ली जाने के लिए तैयार हो गए.”

दिल्ली पहुंचने के बाद सुमीत जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन गया, वहां ग्रैफिटी लिखी, इस घटना का वीडियो बनाया और उसे अपने संपर्क में मौजूद लोगों को भेजा. पुलिस ने कहा कि सुमीत और गुरप्रीत ने 28-29 अक्टूबर की रात शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन पर ग्रैफिटी लिखी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया.

पुलिस ने कहा, “साजिश में शामिल अन्य लोगों और नेटवर्क से जुड़े लोगों का पता लगाने की कोशिश जारी है.”

कंटेंट क्रिएटर, होटल कर्मचारी, सैलून कर्मचारी

पुलिस ने बताया कि सुमीत ने 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद पंजाब के मोगा स्थित आईटीआई अजीतवाल में दाखिला लिया था. इसके बाद उसने 2019 में प्रतिबंधित होने तक बिगो लाइव प्लेटफॉर्म पर फ्रीलांस कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम किया.

इसके बाद वह टैंगो लाइव से जुड़ा, जहां उसकी मुलाकात सुमित से हुई. पुलिस ने कहा, “घटना से करीब एक हफ्ते पहले वह लुधियाना गया था. वहां से तीनों ने टैक्सी लेकर दिल्ली के लिए यात्रा की और 29 अक्टूबर को आईएसबीटी कश्मीरी गेट पहुंचे.”

सुमित के कहने पर उसने जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन पर ग्रैफिटी लिखी.

पुलिस के अनुसार, 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद सुमित “नशे और असामाजिक गतिविधियों में शामिल हो गया.”

गुरप्रीत ने भी 12वीं कक्षा पूरी की है. इसके बाद उसने जिरकपुर में एक सैलून और पंजाब तथा हरियाणा में अलग-अलग होटल और अन्य जगहों पर काम किया. जब वह पानीपत के समालखा में एक होटल में काम करती थी, तब करीब चार साल पहले एक दोस्त के जरिए उसकी मुलाकात सुमित से हुई थी. बाद में दोनों साथ रहने लगे. एक दूसरे परिचित के जरिए सुमित की मुलाकात सुमीत से हुई.

पुलिस ने कहा, “सुमित ने शुरुआत में उसे दिल्ली में खरीदारी करने के बहाने अपने साथ चलने के लिए तैयार किया. दिल्ली पहुंचने के बाद मेट्रो की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की योजना के बारे में उसे बताया गया और इसे अंजाम दिया गया.”

पुलिस ने कहा, “हाल ही में सुमित से व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया गया था और उसे एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया. इसके जरिए एसएफजे के एक सदस्य ने दिल्ली में ग्रैफिटी लिखने के बदले पैसे देने की पेशकश की.”

उन्होंने आगे कहा, “पूछताछ में यह भी सामने आया कि 30 अक्टूबर 2026 को उसने समयपुर बादली पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में जीटीके बाईपास के पास ग्रैफिटी लिखी थी. इसकी आगे जांच की जा रही है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


यह भी पढ़ें: कश्मीर के शासक हमेशा से मस्जिदों पर नियंत्रण चाहते रहे हैं, ताजा विवाद भी इसी का हिस्सा है


 

share & View comments