भुवनेश्वर, 21 अक्टूबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पुरी के सांसद संबित पात्रा ने बुधवार को कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) नेता आशुतोष रांका और सौरव दास ‘जेन-जी’ आयु वर्ग के नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश करने के लिए नहीं बल्कि शांति बनाए रखने के बॉण्ड का उल्लंघन करने के कारण न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
भुवनेश्वर में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पात्रा ने उस कथित भ्रामक विमर्श की आलोचना की, जिसमें कहा जा रहा था कि रांका और दास को तिरंगा फहराने की कोशिश करने के कारण न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
पात्रा ने कहा, ‘‘देशभर में एक विमर्श फैलाया जा रहा था और यह धारणा बनाई जा रही थी कि कुछ लोग केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराना चाहते हैं और सरकार इतनी तानाशाह है कि उसने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के ‘‘दुश्मन’’ यह दावा करके लोगों को गुमराह कर रहे हैं कि कॉजपा नेताओं को केवल राष्ट्रीय ध्वज फहराने की इच्छा रखने के कारण हिरासत में लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
दिल्ली उच्च न्यायालय में हुई कार्यवाही का उल्लेख करते हुए पात्रा ने कहा कि अदालत ने दास और रांका की उम्र को लेकर सवाल उठाए थे।
पात्रा ने कहा, ‘‘उनकी उम्र 27 और 31 वर्ष है और इसलिए वे जेन-जी आयु वर्ग के नहीं हैं। अब पूरे देश को यह स्पष्ट हो जाना चाहिए कि उन्हें तिरंगा फहराने की इच्छा के कारण न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा गया था। बल्कि, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि वे पहले हस्ताक्षर किए गए बॉण्ड की शर्तों का पालन करने में विफल रहे।’’
‘जेन-जी’ उन लोगों को कहा जाता है, जिनका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ है।
भाषा शफीक नरेश
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