नई दिल्ली: भूटान के प्रधानमंत्री त्शेरिंग टोबगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “विष्णु का अवतार” बताया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने यह बात हल्के में नहीं कही थी. टोबगे ने एक्स पर “An avatar for our times” शीर्षक से एक पोस्ट में अपने विचार साझा किए. उन्होंने जुलाई 2019 में मोदी के साथ हुई एक निजी मुलाकात को याद किया. उस समय टोबगे न तो भूटान के प्रधानमंत्री थे और न ही संसद के सदस्य थे.
उस मुलाकात के बारे में टोबगे ने लिखा कि उन्होंने अपने पहले कार्यकाल के दौरान समर्थन देने के लिए मोदी को धन्यवाद दिया और उनसे कहा कि वह उन्हें “बड़े भाई” की तरह देखते हैं.
इसी बातचीत में टोबगे ने मोदी से कहा कि वह वास्तव में उन्हें “विष्णु का अवतार” मानते हैं. उन्होंने कहा कि दुनिया के हमारे इस हिस्से में लंबे समय से ज्ञान प्राप्त शासकों को इस तरह देखा जाता रहा है. टोबगे ने माना कि शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद वह कुछ ज्यादा ही कह गए, लेकिन बाद में उन्हें लगा कि वह सही थे. पीछे मुड़कर देखते हुए उन्होंने कहा कि अब उन्हें पूरा विश्वास है कि वह सही थे.
जनवरी 2024 में दोबारा भूटान के प्रधानमंत्री बने टोबगे ने कहा कि उन्होंने मोदी की यात्रा पर करीब से नज़र रखी है, पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और फिर भारत के प्रधानमंत्री के रूप में. उन्होंने विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश, तकनीक और शासन को बढ़ावा देने का श्रेय मोदी को दिया. हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा मोदी की “अपने देश और अपने लोगों की सेवा करने की प्रतिबद्धता” ने प्रभावित किया.
To Prime Minister @narendramodi,
An avatar of our times pic.twitter.com/84RDOEfELm— Tshering Tobgay (@tsheringtobgay) October 7, 2026
उन्होंने मोदी के बारे में अपनी बात को बौद्ध परंपरा के रिग्सुम गोनपो से भी जोड़ा. यह ज्ञान, करुणा और साहस से जुड़े तीन बोधिसत्वों की त्रिमूर्ति है. टोबगे ने कहा कि वह इन गुणों को अच्छे और ज्ञान प्राप्त नेतृत्व के लिए बहुत जरूरी मानते हैं.
उन्होंने मोदी के “विकसित भारत” यानी 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के विजन का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि भूटान और भारत के बीच हमेशा से करीबी संबंध रहे हैं. उन्होंने याद किया कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी की पहली विदेश यात्रा भूटान की थी. वहां मोदी ने दोनों देशों की दोस्ती को “B4B: Bharat for Bhutan; Bhutan for Bharat” बताया था.
उन्होंने आगे कहा कि भारत सिर्फ भावना के स्तर पर एक अच्छा पड़ोसी नहीं है. भारत भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना में 10,000 करोड़ रुपये की मदद भी कर रहा है. इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा और डिजिटल कनेक्टिविटी तक की परियोजनाएं शामिल हैं.
टोबगे सिर्फ तारीफ तक नहीं रुके. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मोदी को भूटान के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, Order of the Druk Gyalpo से सम्मानित किया गया है. उन्होंने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से मोदी को अपना मार्गदर्शक मानते हैं.
दोनों देशों के प्रधानमंत्री 14 मार्च 2024 को फिर मिले. टोबगे ने मोदी से कहा कि उन्होंने 2019 में कही अपनी बात पर दोबारा विचार किया और अब उन्हें लगता है कि वह जानते हैं कि उन्होंने विष्णु के किस अवतार की बात की थी.
टोबगे ने लिखा, “विष्णु का अंतिम अवतार—जिसे अव्यवस्था को खत्म करने, धर्म को फिर से स्थापित करने और नए बदलाव की शुरुआत करने से जोड़ा जाता है. कल्कि.”
ये बातें ऐसे समय में आई हैं जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 2001 में नियुक्त होने के बाद सरकार के नेतृत्व में अपने 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं.
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