नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने रवि भारद्वाज हत्याकांड के सिलसिले में टिल्लू ताजपुरिया गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उनमें से दो को रोहिणी इलाके में संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया।
उन्होंने बताया कि पकड़े लोगों की पहचान चैतन्य (22), कुणाल उर्फशुंटी (23) और एक नाबालिग के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि चैतन्य को पहले ही जांच के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि कुणाल और नाबालिग को रोहिणी सेक्टर 28 में अपराध शाखा के साथ मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, यह मुठभेड़ बुधवार देर रात करीब 12:50 बजे हुई, जब अपराध शाखा की एक टीम ने स्कूटी पर सवार दो आरोपियों को रुकने का इशारा किया।
पुलिस का कहना है कि पुलिसकर्मियों को देखते ही आरोपियों ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसपर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की तथा कुछ ही देर में दोनों आरोपियों को उनके पैरों में गोली लगने के बाद पकड़ लिया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) संजय कुमार नागपाल और एक मुख्य आरक्षी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी जिससे वे बाल-बाल बच गए।
उन्होंने बताया कि दो अर्धस्वचालित पिस्तौल, सात कारतूस, कारतूस के आठ खाली खोखे और एक चोरी की स्कूटी बरामद की गई। उन्होंने बताया कि अपराध में इस्तेमाल किया गया टेम्पो भी ढूंढ लिया गया है।
यह कार्रवाई 19 मार्च को बावना के हरेवली गांव के भारद्वाज की की गयी हत्या के सिलसिले में की गई हैं। भारद्वाज को उसके घर के अंदर गोली मार दी गई थी। गोलीबारी में उसके पिता समेत तीन अन्य लोग घायल हो गए थे। संदेह है कि यह हमला गोगी और टिल्लू गिरोहों के बीच चल रही आपसी दुश्मनी का नतीजा था।
जांच के दौरान, चैतन्य का नाम एक प्रमुख साजिशकर्ता के रूप में सामने आया, जिसने हमलावरों को कथित रूप से भारद्वाज के निवास और गतिविधियों के बारे में कथित तौर पर जानकारी दी थी ।
पुलिस ने बताया कि वह मोबाइल फोन के जरिए अन्य साजिशकर्ताओं के संपर्क में था और बाद में उसने अभियोजनयोग्य डेटा डिलीट कर दिया था।
उसकी निशानदेही और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर, पुलिस ने कुणाल और नाबालिग समेत उन हमलावरों की पहचान की, जो हत्या को अंजाम देने में सीधे तौर पर शामिल थे। हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर घटनास्थल पर पहुंचे थे और समन्वित तरीके से गोलीबारी की थी, जिसमें भारद्वाज की मौके पर ही मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि यह हत्याकांड दीपक पकासमा और हिम्मत उर्फ चीकू से जुड़े गिरोह के सदस्यों के निर्देश पर अंजाम दिया गया था, जो वर्तमान में टिल्लू गिरोह का नेतृत्व कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, एक अन्य आरोपी, तरुण उर्फ तोरी का नाम भी एक प्रमुख साजिशकर्ता के रूप में सामने आया है, जिसने हमलावरों और मुखबिर के बीच समन्वय स्थापित करने में मदद की।
इस हत्याकांड के कथित मुख्य शूटर 20 वर्षीय एक व्यक्ति को बृहस्पतिवार को बिहार के बेगूसराय से गिरफ्तार किया गया था।
मूल रूप से दिल्ली के नांगल ठाकरान का रहने वाला आकाश उर्फ बिट्टू उर्फ खुड्डी, टिल्लू ताजपुरिया गिरोह का प्रमुख गुर्गा बताया जाता है।
भाषा नोमान नोमान राजकुमार
राजकुमार
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