Thursday, 26 May, 2022
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बुलंदशहर हिंसा मामले में फरार बजरंग दल का नेता योगेश राज गिरफ्तार

संदिग्ध रूप से गोवंशीय पशुओं का शव मिलने के बाद हुए उपद्रव में गई थी इंस्पेक्टर की जान, योगेश राज पर भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने का है आरोप.

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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में तीन दिसंबर को गोकशी को लेकर हुए उपद्रव के मुख्य आरोपी योगेश राज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. योगेश राज घटना के बाद से ही फरार चल रहा था. योगेश को भीड़ को हिंसा के उकसाने का आरोप है, जिसके बाद एक पुलिस इंस्पेक्टर और एक युवक की जान चली गई थी.

बुलंदशहर के स्याना गांव के एक खेत में कुछ गोवंशीय पशुओं के शव बरामद होने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं समेत ग्रामीणों ने हिंसक प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन के दौरान भीड़ के हमले इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की मौत हो गई थी. पुलिस ने इस मामले में दर्ज एफआईआर में बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया था.

बुलंदशहर पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी अजय वीर ने बताया, ‘योगेश राज को खुर्जा से गिरफ्तार कर लिया गया है.’


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उन्होंने कहा, ‘पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि आरोपी खुर्जा से बुलंदशहर की तरफ आ रहा है. इस सूचना पर काम करते हुए पुलिस ने उसे ब्रम्हानंद कॉलेज के पास से करीब 11.30 बजे रात को गिरफ्तार ​कर लिया.’

अजय वीर ने बताया, ‘योगेश को हत्या का आरोपी बनाया गया है और पुलिस मानती है कि उसने भीड़ को पुलिस पर हमला करने के लिए उकसाया. हमारी टीम उससे पूछताछ कर रही है.’

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बुलंदशहर के नया बांस गांव के निवासी 28 वर्षीय योगेश राज ने ही गोवंशीय जानवरों का शव मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस के मुताबिक, वही भीड़ के प्रदर्शन की अगुआई कर रहा था. हालांकि, पुलिस को उसे गिरफ्तार कर पाने में एक महीने लग गए. घटना के मुख्य आरोपी योगेश राज को गिरफ्तार न करने के चलते उत्तर प्रदेश पुलिस की काफी किरकिरी हो रही थी.

पुलिस इस घटना में बुधवार तक 32 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी थी, लेकिन मुख्य आरोपी के न पकड़े जाने पर यह सवाल उठ रहा था कि क्या पुलिस और सरकार जानबूझ कर योगेश राज को बचा रही है?

इस मामले में योगेश राज के अलावा विहिप कार्यकर्ता उपेंद्र राघव और भाजपा युवा शाखा के अध्यक्ष शिखर अग्रवाल को भी मामले में नामजद किया गया था. पुलिस ने 88 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था, जिनमें से 27 को नामजद किया गया था.

पुलिस अब तक इंस्पेक्टर की हत्या के मामले जीतू फौजी, प्रशांत नट और कलुआ नाम के तीन युवकों को अलग अलग गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस का कहना है कि कलुआ ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार पर कुल्हाड़ी से सिर पर हमला किया, उसके बाद जान बचाने के लिए भाग रहे सुबोध को प्रशांत नट ने गिरा दिया और उन्हीं की रिवॉल्वर से उन्हें गोली मार दी ​थी.

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