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Tuesday, 29 September, 2026
होमदेशअरुणाचल प्रदेश में म्यांमार सीमा के पास संदिग्ध उग्रवादी हमले में असम राइफल्स का जवान मारा गया, चार घायल

अरुणाचल प्रदेश में म्यांमार सीमा के पास संदिग्ध उग्रवादी हमले में असम राइफल्स का जवान मारा गया, चार घायल

अधिकारियों के मुताबिक, 21 असम राइफल्स के जवान उस इलाके में गश्त कर रहे थे, जहां सीमा पर बाड़ लगाने का काम चल रहा था. इसी दौरान उग्रवादियों ने टीम पर हमला किया.

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नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश के चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा के पास मंगलवार को गश्त कर रही टीम पर संदिग्ध उग्रवादी हमले में असम राइफल्स के एक जवान की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

चांगलांग के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया कि घटना सुबह करीब 6:30 बजे नंपोंग सर्किल के तहत नंपोंग नाला के पास हुई. उस समय 21 असम राइफल्स के जवान उस इलाके में गश्त कर रहे थे, जहां सीमा पर बाड़ लगाने का काम चल रहा था. अधिकारी ने बताया कि शुरुआती रिपोर्टों में NSCN (K-YA) से जुड़े उग्रवादियों के शामिल होने की बात सामने आई है.

हालांकि, हमलावरों की पहचान को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

असम राइफल्स ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिए जवान को श्रद्धांजलि दी. जवान की पहचान हवलदार जंगखोकाई कुकी के रूप में हुई है. पोस्ट में कहा गया, “DG असम राइफल्स और असम राइफल्स के सभी रैंक के जवान शोकाकुल परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं.”

एक अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने दिप्रिंट को बताया कि असम राइफल्स के जवान सीमा पर बाड़ लगाने के निर्माण वाले इलाके में सुरक्षा दे रहे थे. अधिकारी ने कहा, “सुरक्षा जांच चौबीसों घंटे होती है और यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. मंगलवार सुबह असम राइफल्स के जवानों की एक टीम सीमा स्तंभ संख्या 172 के पास निर्माणाधीन इलाके में सुरक्षा जांच करने गई थी. इसी दौरान उन पर उग्रवादियों ने हमला कर दिया.”

उन्होंने कहा, “घायल जवानों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. उनकी हालत के बारे में जानकारी का इंतजार है.”

उन्होंने यह भी बताया कि हमले के बाद सुरक्षा बलों ने इलाके में अभियान तेज कर दिया है.

चांगलांग के SP किर्ली पाडू ने कहा कि पुलिस को घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने चांगलांग थाने के प्रभारी अधिकारी को घटना से जुड़ी जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं.

चांगलांग जिले में भारत-म्यांमार सीमा का इलाका संवेदनशील रहा है. इसकी वजह इस क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय सीमा के दूसरी तरफ सक्रिय उग्रवादी समूहों की आवाजाही है.

इससे पहले जुलाई में पड़ोसी राज्य नागालैंड के चुमौकेदिमा जिले में संदिग्ध IED धमाके में असम राइफल्स का एक जवान मारा गया था और चार अन्य घायल हुए थे. रक्षा और सुरक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े सूत्रों ने आरोप लगाया था कि इस हमले के पीछे नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (NSCN) (इसाक-मुइवा) का पूर्वी धड़ा था. हालांकि, NSCN/GPRN ने एक बयान जारी कर इस “कायराना आतंकवादी कृत्य” की निंदा की थी.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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