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Tuesday, 29 September, 2026
होमदेशदिल्ली पुलिस ने ‘FCRA लाइसेंस वसूली रैकेट’ की जांच शुरू की, गृह मंत्रालय के दो अधिकारी गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने ‘FCRA लाइसेंस वसूली रैकेट’ की जांच शुरू की, गृह मंत्रालय के दो अधिकारी गिरफ्तार

दोनों को सोमवार को गिरफ्तार किया गया. इनमें से एक अभी गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिविजन में तैनात है.

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नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी की पुलिस की स्पेशल सेल ने दो सरकारी अधिकारियों पर कथित तौर पर वसूली की कोशिश के मामले में जांच शुरू की है. इनमें से एक अधिकारी फिलहाल गृह मंत्रालय (MHA) के फॉरेनर्स डिविजन में तैनात है. आरोप है कि दोनों ने एक NGO से विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) के तहत उसका रजिस्ट्रेशन कराने में मदद के बदले पैसे मांगे.

FCRA के तहत रजिस्ट्रेशन उन पात्र NGOs और संगठनों के लिए जरूरी है, जो विदेश से मिलने वाला पैसा या योगदान लेना चाहते हैं. रजिस्ट्रेशन मिलने के बाद यह आम तौर पर 5 साल तक वैध रहता है और इसके बाद इसे रिन्यू कराना होता है.

पिछले पांच साल में केंद्र सरकार ने कई गैर-लाभकारी संगठनों का FCRA रजिस्ट्रेशन रद्द किया है. इनमें दस्तावेज़ और ज़रूरी फाइलिंग की शर्तों का पालन नहीं करने समेत कानून और उसके नियमों के कथित उल्लंघन का हवाला दिया गया है.

गृह मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक, मंत्रालय को दो अधिकारियों के बारे में खास जानकारी मिली थी. इनमें एक सीनियर अकाउंटेंट और दूसरा अकाउंटेंट है. आरोप है कि दोनों एक NGO के पास गए और उसके लंबित FCRA रजिस्ट्रेशन में मदद करने के बदले अवैध रूप से पैसे मांगे.

इसके बाद यह जानकारी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ साझा की गई. इसके बाद दोनों अधिकारियों को 28 सितंबर को गिरफ्तार किया गया.

MHA के बयान में कहा गया, “इनमें से एक अधिकारी फिलहाल MHA के फॉरेनर्स डिविजन में तैनात है, जबकि दूसरा अभी Pay & Accounts Office में तैनात है और पहले फॉरेनर्स डिविजन में काम कर चुका है.”

बयान में आगे कहा गया, “शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि वे कुछ संगठनों के संपर्क में थे और अवैध पैसे के बदले उनके रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल में मदद कर रहे थे. मामले की आगे जांच जारी है.”

दिप्रिंट से बात करते हुए एक सूत्र ने कहा, “हमने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है. पहली नजर में ऐसा लगता है कि उन्होंने एक NGO का FCRA रजिस्ट्रेशन कराने का वादा करके पैसे मांगे थे. ऐसा भी लगता है कि वे पहले भी ऐसा कर चुके हो सकते हैं.”

MHA ने अपने बयान में कहा कि मामले में उचित कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जा रही है.

मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि FCRA से जुड़ी सभी सेवाएं तय FCRA पोर्टल के जरिए ऑनलाइन दी जाती हैं. मंत्रालय ने जोर देकर कहा, “FCRA की किसी भी सेवा में मदद करने के लिए किसी बिचौलिए, एजेंट या व्यक्ति को अधिकृत नहीं किया गया है.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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