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Monday, 27 July, 2026
होमदेशE-20 मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल का ‘नेशनल टाउन हॉल’ का ऐलान, PM को सौंपेंगे दो लाख से ज्यादा याचिकाएं

E-20 मुद्दे पर अरविंद केजरीवाल का ‘नेशनल टाउन हॉल’ का ऐलान, PM को सौंपेंगे दो लाख से ज्यादा याचिकाएं

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि युवाओं की ताकत के आगे "अहंकारी" सरकार को झुकना पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा. उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि E-20 का मुद्दा भी जल्द सुलझाया जाए, ताकि यह देशभर में बड़े आंदोलन का रूप न ले.

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E-20 मुद्दे पर लोगों का समर्थन जुटाने के लिए ‘नेशनल टाउन हॉल’ आयोजित करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते वह 2 लाख से ज्यादा लोगों की याचिकाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपेंगे.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि युवाओं की ताकत के आगे “अहंकारी” सरकार को झुकना पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा. उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि E-20 का मुद्दा भी जल्द सुलझाया जाए, ताकि यह देशभर में बड़े आंदोलन का रूप न ले.

केजरीवाल ने कहा, “देश के युवाओं ने एक अहंकारी सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया, जिसके बाद धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा. अब मैं प्रधानमंत्री से अनुरोध करता हूं कि E-20 का मुद्दा भी जल्द हल करें, इससे पहले कि यह बड़ा आंदोलन बन जाए.”

उन्होंने बताया कि इस शनिवार दोपहर ‘नेशनल टाउन हॉल’ की शुरुआत की जाएगी. इसमें दिल्ली-एनसीआर के लोग सीधे शामिल हो सकेंगे, जबकि दूसरे राज्यों के लोग ऑनलाइन जुड़ सकेंगे. इसके लिए 8588833212 नंबर पर रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की गई है.

केजरीवाल ने कहा कि टाउन हॉल में विशेषज्ञों, प्रभावित लोगों और आम जनता के साथ E-20 मुद्दे पर चर्चा की जाएगी.

उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी की ओर से शुरू की गई ऑनलाइन याचिका पर अब तक 2 लाख से ज्यादा पत्र मिल चुके हैं.

उन्होंने कहा, “अगले हफ्ते मैं ये सभी पत्र प्रधानमंत्री आवास लेकर जाऊंगा.”

बिहार और अन्य राज्यों में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए केजरीवाल ने कहा कि यह सही नहीं है. इससे सरकार की नीयत पर सवाल उठते हैं और वह अपने रुख पर डगमगाती हुई नज़र आती है.

पेपर लीक रोकने के लिए केंद्र के नए कानून पर उन्होंने कहा कि समस्या कानून की नहीं, बल्कि सरकार की नीयत की है.

उन्होंने कहा, “पहले भी ऐसे सख्त कदमों की बातें हुई हैं. अगर माफिया के खिलाफ कार्रवाई करने की नीयत नहीं होगी, तो कोई भी कानून असरदार नहीं होगा. CBI ने जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया था, उसे भी बाद में छोड़ दिया गया.”

पंजाब के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर केजरीवाल ने अपनी सरकार का बचाव किया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में उनकी सरकार के 10 साल और पंजाब में 5 साल के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ.

उन्होंने कहा कि पंजाब में सिर्फ एक मामले में दो छात्रों ने स्मार्ट पेन के जरिए नकल की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें तुरंत पकड़ लिया गया.

केजरीवाल ने दावा किया कि 2022 से पहले शिक्षा के मामले में पंजाब 27वें स्थान पर था, जबकि आज वह पहले स्थान पर पहुंच गया है. उन्होंने कहा कि यही बात उनके विरोधियों को परेशान कर रही है.


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