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Saturday, 24 October, 2026
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सियांग बिजली परियोजना को लेकर हिंसा के बाद अरुणाचल के मुख्यमंत्री खांडू ने शांति की अपील की

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ईटानगर, 24 अक्टूबर (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की सियांग अपर बहुउद्देश्यीय परियोजना (एसयूएमपी) के विरुद्ध प्रदर्शन के दौरान पासीघाट में हुई तोड़फोड़, आगजनी, लूटपाट और संपत्ति के नुकसान की घटनाओं पर शनिवार को चिंता व्यक्त की।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार रात ईस्ट सियांग जिले में उपद्रवियों ने नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (एनएचपीसी) के कार्यालय और एक पुलिस थाने को आग के हवाले कर दिया।

इसके अलावा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष सहित तीन राजनेताओं के आवासों में तोड़फोड़ भी की।

पासीघाट में प्रदर्शनकारियों द्वारा किए गए पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

उपद्रवियों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक कलिंग मोयोंग तथा पासीघाट पश्चिम के विधायक निनोंग एरिंग के आवासों में तोड़फोड़ की, वहीं विधायक ओनी पन्यांग के घर में भी लूटपाट एवं तोड़फोड़ की गयी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार लोकतंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा है, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि प्रदर्शन कानून के दायरे में रहे और इनसे संपत्ति का नुकसान न हो या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित न हो।

उन्होंने पासीघाट की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए समाज के सभी वर्गों से शांति बनाए रखने की अपील की।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी बयान के अनुसार, खांडू ने बताया कि बिजली परियोजना को लेकर सियांग, अपर सियांग और ईस्ट सियांग जिलों में शुक्रवार को 12 घंटे का बंद काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बंद खत्म होने के बाद पासीघाट में हिंसा भड़क उठी, जो शनिवार तड़के 3.30 बजे तक जारी रही।

खांडू ने कहा, ‘‘विधायक ओनी पन्यांग और वरिष्ठ विधायक निनोंग एरिंग के आवासों में तोड़फोड़ की गई, साथ ही वहां लूटपाट और चोरी की खबरें भी हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष कलिंग मोयोंग के घर में भी तोड़फोड़ की गई।’’

बिजली परियोजना से जुड़ी चिंताओं पर खांडू ने दोहराया कि राज्य सरकार सभी संगठनों और संघों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। सरकार परियोजना के संभावित लाभों, इसके प्रतिकूल प्रभावों और स्थानीय समुदायों द्वारा व्यक्त की गई चिंताओं एवं आशंकाओं पर विस्तृत चर्चा करने की इच्छुक है।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं। कोई भी संगठन जो इस परियोजना पर चर्चा करना चाहता है, उसका स्वागत है। लोगों को सरकार से सवाल पूछने चाहिए, इसके लाभ एवं नुकसान पर चर्चा करनी चाहिए और अपनी शंकाओं का समाधान पाना चाहिए।’’

खांडू ने बताया कि सरकार ने संवाद के प्रयास किए हैं और हितधारकों को बैठकों में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।

उन्होंने प्रतिनिधियों को ईटानगर, पासीघाट या उनकी सुविधा के अनुसार किसी भी स्थान पर बैठक का प्रस्ताव दिया।

भाषा सुमित सुरेश

सुरेश

यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.

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