नयी दिल्ली, दो नवंबर (भाषा) कई मशहूर हस्तियों, नेताओं, वैज्ञानिकों, पशु चिकित्सकों और पशु कल्याण संगठनों ने प्रस्तावित ‘‘पशु क्रूरता निवारण (प्रयोगशाला पशुओं का प्रयोग, प्रजनन और व्यापार का नियंत्रण एवं पर्यवेक्षण) नियम, 2026’’ पर चिंता जताई है और इसे वापस लेने की मांग की है। पशु अधिकार संगठन ‘पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ़ एनिमल्स-इंडिया (पेटा इंडिया) ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पेटा इंडिया ने बताया कि मसौदा वापस लेने संबंधी अनुरोध पर अबतक 18 हजार से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किये है।
पेटा इंडिया की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, अभिनेता जॉन अब्राहम, तब्बू, रवीना टंडन, शिल्पा शेट्टी, जैकलीन फर्नांडीज, दीया मिर्जा, रूपाली गांगुली और वामिका गब्बी सहित विभिन्न हस्तियों ने इस अनुरोध पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि क्रिकेटर केएल राहुल ने भी अपील का समर्थन किया है।
बयान के मुताबिक, विभिन्न दलों के कई सांसदों ने भी इस अपील पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें लोकसभा सदस्य हेमा मालिनी और डॉ. मोहम्मद जावेद, राज्यसभा सदस्य सुलता देव तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका चौधरी शामिल हैं।
पेटा इंडिया के मुताबिक, इस अपील को 100 से अधिक भारतीय और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों, 100 से अधिक पशु चिकित्सकों और 60 से अधिक पशु संरक्षण संगठनों का समर्थन मिला है, जबकि 18,000 से अधिक लोगों ने उसकी वेबसाइट के जरिये इसका समर्थन किया है।
प्रस्तावित नियमावली ‘जानवरों के प्रजनन और उनपर प्रयोग (नियंत्रण और पर्यवेक्षण) नियम, 1998’ का स्थान लेगी।
संशोधन का उद्देश्य संस्थागत स्व-नियमन के माध्यम से नौकरशाही संबंधी देरी को कम करना और फार्मास्युटिकल, चिकित्सा तथा शैक्षणिक अनुसंधान के लिए मंजूरियों की प्रक्रिया में तेजी लाना है।
सरकार के अनुसार, मसौदा नियमावली वैज्ञानिक अनुसंधान को आधुनिक बनाने के साथ-साथ पशु कल्याण और नैतिक जवाबदेही को भी मजबूती प्रदान करती है। इसमें पांच नवंबर तक आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
पेटा इंडिया की दलील है कि प्रस्तावित नियम, यदि अपने मौजूदा रूप में लागू किए जाते हैं, तो प्रयोगशाला में इस्तेमाल होने वाले जानवरों के लिए मौजूद सुरक्षा उपायों को कमजोर कर सकते हैं।
भाषा धीरज सुरेश
सुरेश
यह खबर ‘भाषा’ न्यूज़ एजेंसी से ‘ऑटो-फीड’ द्वारा ली गई है. इसके कंटेंट के लिए दिप्रिंट जिम्मेदार नहीं है.