नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने आंध्र प्रदेश में करोड़ों रुपये के शराब नीति घोटाला मामले के प्रमुख आरोपी मुप्पिडी अविनाश रेड्डी की नियमित जमानत याचिका शुक्रवार को मंजूर कर ली।
यह मामला 2019 से 2024 के बीच बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताओं और संगठित कमीशन (रिश्वत) नेटवर्क के संचालन से जुड़ा है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने इस बात का संज्ञान लिया कि इस मामले में अब तक 11 आरोपियों को जमानत दी जा चुकी है।
पीठ ने यह भी उल्लेख किया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए श्रीलंका चले गये रेड्डी बाद में वापस आ गये और बाद आत्मसमर्पण कर दिया एवं उन्होंने हिरासत में पूछताछ में सहयोग दिया।
राज्य सरकार ने याचिका का विरोध करते हुए 730 करोड़ रुपये के घोटाले की गंभीरता का उल्लेख किया।
राज्य सरकार के वकील ने दलील दी, ‘‘यह व्यक्ति एक साल तक फरार रहा और देश छोड़कर भी भाग गया।’’
उन्होंने अवैध कमाई करने तथा उसे शेल कंपनियों के माध्यम से इधर-उधर करने में रेड्डी की कथित भूमिका पर भी जोर दिया।
रेड्डी के वकील ने कहा, ‘‘वह (रेड्डी) अपनी प्रतिबद्धता का पालन करते हुए भारत लौटे और 26 फरवरी, 2026 को अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।’’
पीठ ने जमानत याचिका मंजूर करते हुए स्पष्ट किया कि यह आदेश मामले की ‘‘विशेष परिस्थितियों’’ के तहत पारित किया गया है और इसे कानूनी मिसाल के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए।
अदालत ने रेड्डी को निचली अदालत द्वारा लगाई जाने वाली शर्तों के अधीन रिहा करने का निर्देश दिया।
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सुरेश माधव
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