अमरावती, 12 अगस्त (भाषा) नाई (हज्जाम) के लिए तेलुगु के शब्द ‘मांगली’ का अब इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है क्योंकि आंध्र प्रदेश सरकार ने कुछ अन्य शब्दों के साथ इसे प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया है।
सरकार ने इसे प्रतिबंधित करने का इसलिए आदेश दिया क्योंकि इससे ‘‘नाई ब्राह्मण समुदाय के स्वाभिमान को ठेस पहुंच रही थी।’’
सरकार ने अपने आदेश में स्थानीय बोलचाल की भाषा में इस्तेमाल होने वाले शब्दों मांगली, मंगलीधि, मंगलोदा, बोच्चू गोरिगेवाडा और कोंडामांगली के इस्तेमाल पर रोक लगा दी, क्योंकि ये समुदाय के खिलाफ ‘‘अपमानजनक शब्द’’हैं।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने एक आदेश में कहा, ‘‘कोई भी व्यक्ति जाति के नाम पर इस तरह के अपमानजनक और निषिद्ध शब्दों का उपयोग करके उनकी भावनाओं आहत करता है तो उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता, 1860 के प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जायेगी।’’
यह आदेश आंध्र प्रदेश नाई ब्राह्मण सहकारी वित्त निगम, नई दिल्ली के नव समाज द्वारा किए गए अभ्यावेदन और राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण निदेशक की एक रिपोर्ट पर आधारित है।
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देवेंद्र प्रशांत
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