नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने सोशल मीडिया पर अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के प्रेस बयान का एक हिस्सा शेयर कर दावा किया था कि इससे जंतर-मंतर प्रदर्शन का पाकिस्तान से संबंध साबित होता है. इसके करीब 24 घंटे बाद अमृतसर पुलिस ने कहा कि वह पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल्स के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी.
अमृतसर पुलिस के प्रवक्ता ने कहा कि बीजेपी के सोशल मीडिया हैंडल्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के काटे गए (ट्रिम किए गए) वीडियो अपलोड किए. साथ ही एडिट किए गए बैकग्राउंड और बयान के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल इस तरह किया गया कि ऐसा लगे जैसे शहर के पुलिस प्रमुख ने कहा हो कि जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों का संबंध पुलिस द्वारा पकड़े गए आतंकी मॉड्यूल के सदस्यों से था. पुलिस ने कहा कि इस मामले में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (आईटी एक्ट 2000) के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
प्रवक्ता ने कहा कि पुलिस कमिश्नर का मतलब यह था कि गिरफ्तार किए गए मॉड्यूल के सदस्य रेकी करने के लिए जंतर-मंतर गए थे और सीमा पार बैठे अपने हैंडलर्स के कहने पर प्रदर्शनकारियों पर पेट्रोल बम फेंकने की योजना बना रहे थे.
अमृतसर पुलिस कमिश्नर भुल्लर ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि पुलिस ने शहर के रहने वाले सुखमन और तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया है. इन्हें पेट्रोल बम बनाना और इस्तेमाल करना सिखाया जा रहा था. उन्होंने कहा था, “उन्हें एक ISI हैंडलर ऑनलाइन पेट्रोल बम बनाने और इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग दे रहा था. उन्हें पैसों का लालच देकर पुलिस और सुरक्षा ठिकानों की रेकी करने और पुलिसकर्मियों या वर्दीधारी जवानों को निशाना बनाने के निर्देश दिए गए थे.”
भुल्लर ने बताया कि पुलिस ने इनके पास से चार पेट्रोल बम बरामद किए.
उन्होंने कहा, “आठ लोग उस समय एक साथ जंतर-मंतर गए थे, जब वहां प्रदर्शन चल रहा था. उन्हें प्रदर्शन स्थल पर पेट्रोल बम फेंकने का काम दिया गया था. उन्हें पेट्रोल बम भी दिए गए थे, लेकिन किसी कारण वे ऐसा नहीं कर सके और ट्रेन से वापस पंजाब लौट आए.”
बुधवार शाम तक बीजेपी ने अपने एक्स और इंस्टाग्राम अकाउंट पर दो वीडियो पोस्ट किए. इनमें दावा किया गया कि अमृतसर पुलिस कमिश्नर का बयान इस बात का सबूत है कि जंतर-मंतर प्रदर्शन के पीछे इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का मॉड्यूल था.
बीजेपी ने एक्स पर लिखा, “बड़ी जानकारी: जंतर-मंतर प्रदर्शन के पीछे ISI समर्थित मॉड्यूल!” यह पोस्ट गुरुवार शाम तक भी मौजूद थी.
पोस्ट में कहा गया, “पंजाब पुलिस (अमृतसर) के कमिश्नर श्री गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने खुलासा किया है कि जंतर-मंतर में हुए प्रदर्शन के पीछे पाकिस्तान स्थित ISI समर्थित मॉड्यूल सक्रिय था. जांच में पता चला कि यह मॉड्यूल 15 साल के नाबालिगों को पैसों का लालच देकर पुलिस और सुरक्षा ठिकानों की रेकी कराने और उन पर हमले की साजिश रचने के लिए इस्तेमाल कर रहा था. पूरी बात सीधे पुलिस कमिश्नर से सुनिए.”
बीजेपी की ये पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के कुछ घंटों बाद अमृतसर पुलिस कमिश्नरेट ने पुलिस कमिश्नर के बयान को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया.
पुलिस ने कहा, “कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स ने यह यूआरएल और इसी तरह के दूसरे यूआरएल अपलोड किए हैं. इनमें 4 अगस्त 2026 को अमृतसर पुलिस कमिश्नर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के एडिट किए गए हिस्से शामिल हैं. उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पंजाब पुलिस द्वारा आतंकी मॉड्यूल पकड़े जाने के तथ्यों की जानकारी दी गई थी, लेकिन इसे इस तरह पेश किया गया कि लगे जैसे पाकिस्तान समर्थित ISI आतंकी मॉड्यूल का संबंध नई दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन से था.”
अमृतसर पुलिस ने आगे कहा, “ऐसा कोई बयान नहीं दिया गया था कि गिरफ्तार लोग प्रदर्शन में शामिल थे या जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों का उस मॉड्यूल से कोई संबंध था.”
पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि वीडियो का बैकग्राउंड बदलने, चुनिंदा हिस्से काटने और साथ में लगाए गए कैप्शन से “गलत और भ्रामक संदेश” गया कि गिरफ्तार लोग जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़े हुए थे.
पुलिस ने आगे कहा, “हालांकि प्रेस कॉन्फ्रेंस की ऑडियो और तथ्यों में कोई बदलाव या छेड़छाड़ नहीं की गई, लेकिन वीडियो के चुनिंदा हिस्सों को एडिट करना, उसके साथ कैप्शन और वीडियो जोड़ना (इस यूआरएल और ऐसे अन्य यूआरएल में) ऐसा निष्कर्ष निकालने की कोशिश है, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर कहा ही नहीं गया था. यह मूल बयान का चुनिंदा हिस्सा दिखाकर लोगों को पुलिस कमिश्नर के 4 अगस्त 2026 के बयान का गलत मतलब निकालने के लिए प्रेरित कर सकता है.”
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