नयी दिल्ली, 17 अप्रैल (भाषा) तेलुगु अभिनेता अल्लू अर्जुन ने शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय से आग्रह किया कि वह कई प्रतिष्ठानों द्वारा व्यावसायिक उपयोग और नकल के लिए उनके नाम, आवाज और छवि के अनधिकृत उपयोग को रोकने का निर्देश दे।
न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने ‘पुष्पा’ स्टार अल्लू अर्जुन द्वारा दायर याचिका की सुनवाई की और संकेत दिया कि अदालत उनके पक्ष में एक अंतरिम आदेश पारित करेगी।
अर्जुन के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की मांग करते हुए, अभिनेता का प्रतिनिधित्व कर रही वरिष्ठ वकील स्वाति सुकुमार ने कहा कि उनके व्यक्तित्व के गुणों का दुरुपयोग उनकी छवि और हस्ताक्षर वाले सामान की बिक्री, वॉयस-क्लोनिंग प्लेटफॉर्म के संचालन, एआई चैटबॉट और अश्लील सामग्री के निर्माण के लिए किया जा रहा है।
स्वाति सुकुमार ने कहा, “एक ‘फर्जी कॉल पुष्पा का’ ऐप है… यह एक ऐसा ऐप है जहां लोग अभिनेता के कृत्रिम रूप से निर्मित कृत्रिम चेहरे से बात कर सकते हैं। यह ऐप किसी भी प्रकार के घोटाले में वादी को फंसाने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। यही चिंता का विषय है। वीडियो कॉल में अभिनेता के चेहरे का इस्तेमाल किया जा रहा है।”
वरिष्ठ वकील ने यह भी जानकारी दी कि अर्जुन के नाम से कई पंजीकृत ट्रेडमार्क हैं।
कुछ आपत्तिजनक सामग्री प्रदर्शित करने वाले प्रतिवादी प्लेटफार्मों में से एक के वकील ने कहा कि उत्पादों को पहले ही हटा दिया गया है।
मेटा और गूगल की ओर से पेश हुए वकीलों ने भी कहा कि कई आपत्तिजनक लिंक, जिनमें ऐप्स भी शामिल हैं, हटा दिए गए हैं।
भाषा तान्या माधव
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