कासरगोड (केरलम), 22 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने बृहस्पतिवार को वरिष्ठ नेता के. सुधाकरण और प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष जेबी माथेर द्वारा केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के निर्देश का उल्लंघन करते हुए सार्वजनिक बयान देने पर उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
उन्नीथन ने कहा कि न तो सुधाकरण और न ही माथेर को पार्टी के भीतर कोई विशेष अधिकार प्राप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि कथित अनुशासनहीनता पर नेतृत्व का रुख ही यह तय करेगा कि अन्य नेता सार्वजनिक बयानों पर लगे प्रतिबंध का पालन आगे करेंगे या नहीं।
यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर और टिप्पणी करने से बचेंगे क्योंकि केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ ने पार्टी नेताओं को अपने मतभेदों को सार्वजनिक रूप से उजागर करने से मना किया है।
उन्नीथन ने कहा, ‘मैंने के. सुधाकरण द्वारा लिखा और पढ़ा गया बयान देखा है। मैं इसे पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन मानता हूं।’
उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता तथा राज्य के स्वास्थ्य एवं देवस्वओम मंत्री के. मुरलीधरन के खिलाफ हाल ही में की गई टिप्पणियों का हवाला देते हुए वरिष्ठ नेताओं की आलोचना करने के माथेर के अधिकार पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने पूछा, ‘उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की आलोचना करने का अधिकार किसने दिया है?’
उन्नीथन ने कहा कि केपीसीसी अध्यक्ष पद से सुधाकरण को हटाए जाने की घटना काफी पहले हुई थी और उनके पास अपनी नाराजगी जताने के कई मौके थे। अब बयान तैयार करके पढ़ना अनुशासन का गंभीर उल्लंघन है।
यह ध्यान दिलाते हुए कि कई नेताओं ने पहले भी पार्टी के आंतरिक मामलों पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी किए बिना महिला कांग्रेस का नेतृत्व किया है, उन्नीथन ने सवाल उठाया कि क्या माथेर के पास ऐसा करने का कोई विशेष अधिकार है।
उन्होंने कहा कि अगर पार्टी नेतृत्व अपने निर्देश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहता है, तो वह और अन्य नेता भी सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखेंगे।
भाषा सुमित नरेश
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