नई दिल्ली: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली के 31 साल के छात्र की कथित आत्महत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है. इस घटना के बाद कैंपस में छात्रों का प्रदर्शन शुरू हो गया है. संस्थान ने भी मामले की जांच के लिए एक बाहरी जांच समिति बनाई है.
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आईआईटी दिल्ली की शिकायत के आधार पर किशनगढ़ पुलिस स्टेशन में आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज की गई है.
31 साल के MSc फिजिक्स के छात्र ऋषिकेश कुमार ने शनिवार को कैंपस के लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स (LHC) की छठी मंजिल से कथित तौर पर कूदकर जान दे दी. 2023 से अब तक कैंपस में आत्महत्या का यह नौवां मामला है.
सोमवार को आईआईटी के छात्र कैंपस में प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए. उन्होंने एक प्रोफेसर के इस्तीफे, कुमार की मौत की स्वतंत्र जांच और उनके परिवार को कम से कम 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग की.
दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के DCP अमित गोयल ने बताया, आईआईटी दिल्ली प्रशासन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया.
डीसीपी ने कहा, “किसी के खिलाफ कोई आरोप नहीं है. आईआईटी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि किसी भी असामान्य मौत की सूचना मिलने पर केस दर्ज किया जाए.”
मार्च 2025 में मृत छात्रों के परिवारों ने ऐसे मामलों की जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. सुप्रीम कोर्ट ने आईआईटी छात्रों की कई मौतों का संज्ञान लिया था और उच्च शिक्षण संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं और आत्महत्याओं को रोकने के लिए एक समिति बनाई थी.
ऋषिकेश कुमार के मामले में संस्थान ने उनकी मौत की परिस्थितियों की जांच के लिए एक बाहरी जांच समिति भी बनाई है.
आईआईटी दिल्ली ने मंगलवार को एक बयान में कहा, “संस्थान मानता है कि ऐसी हर दुखद घटना की पूरी और स्वतंत्र जांच ज़रूरी है. इसलिए IIT दिल्ली इस दुखद घटना की परिस्थितियों की जांच के लिए एक बाहरी जांच समिति बना रहा है.
“संस्थान यह सुनिश्चित करेगा कि समिति को मामले की पूरी तरह जांच करने और छात्रों को दी जाने वाली सहायता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी अन्य कदमों की पहचान करने का अधिकार दिया जाए.”
पांच सदस्यों वाली जांच समिति में उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार, एम्स दिल्ली के मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रोफेसर प्रताप शर्मा, दो छात्र प्रतिनिधि और IIT दिल्ली के रजिस्ट्रार शामिल होंगे. रजिस्ट्रार समिति के सचिव और संयोजक होंगे.
समिति को दो हफ्ते के अंदर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है.
पांच महीने पहले भी हुई थी एक मौत
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटना वाली जगह के आसपास की सीसीटीवी फुटेज जुटाई गई है और ऋषिकेश के कई सहपाठियों और दोस्तों के बयान दर्ज किए गए हैं.
मामले की जानकारी रखने वाले एक अधिकारी ने कहा, “एक सीसीटीवी फुटेज में कुमार छठी मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट लेने से पहले अकेले चलते हुए दिखाई दे रहे हैं.”
कुमार की मौत 19 साल के बी.टेक छात्र की मौत के पांच महीने बाद हुई है. हर्षित स्वामी की भी मार्च में अपने होटल के कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या से मौत हो गई थी.
पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी. अधिकारी ने कहा, “हमने स्वामी के मामले में एफआईआर दर्ज की थी. जांच आगे बढ़ाने के लिए हम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतज़ार कर रहे हैं.”
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
यह भी पढ़ें: IIT दिल्ली के छात्रों ने ‘आत्महत्याओं के पैटर्न’ पर उठाए सवाल, ऋषिकेश के लिए न्याय और इस्तीफे की मांग