नई दिल्ली: अमेरिका कम से कम 2 लाख शरण मांग रहे प्रवासियों के बिजनेस और टूरिस्ट वीज़ा रद्द करने जा रहा है. इनमें 70,000 से ज्यादा भारतीय शामिल हैं, जो किसी भी दक्षिण एशियाई देश के नागरिकों में सबसे ज्यादा हैं. लागू होने के बाद यह अमेरिका के इतिहास में वीज़ा रद्द करने की सबसे बड़ी सामूहिक कार्रवाई होगी.
द एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के तहत पिछले 10 साल में जारी किए गए B1 और B2 वीज़ा निशाने पर होंगे. ये वीज़ा बिजनेस, घूमने या परिवार से मिलने के लिए अमेरिका जाने वाले लोगों को दिए जाते हैं.
एपी ने विदेश विभाग के दस्तावेजों का हवाला देते हुए बताया कि 2016 से 2026 के बीच जारी किए गए B1 और B2 वीज़ा रखने वाले जिन लोगों ने शरण के लिए आवेदन किया है या अभी शरण मांग रहे हैं, उनके वीज़ा रद्द कर दिए जाएंगे.
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कुछ प्रवासी इन वीज़ा के जरिए कम समय के लिए कानूनी तौर पर अमेरिका में प्रवेश करते हैं और फिर शरण के लिए आवेदन कर देते हैं, ताकि वे स्थायी रूप से वहां रह सकें.
अमेरिकी विदेश विभाग के उप सचिव क्रिस्टोफर लैंडौ ने सोमवार को एक्स पर लिखा, “शरण को इमिग्रेशन कानूनों से बचने का रास्ता नहीं माना जाना चाहिए.” उस समय तक विदेश विभाग ने इस नीति की आधिकारिक घोषणा नहीं की थी.
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा, “शरण मांगने के लिए वीज़ा हासिल करना धोखाधड़ी है और यह वीज़ा रद्द करने का आधार है.”
Set to revoke up to TWO HUNDRED THOUSAND visas 🔥 pic.twitter.com/K0mnxpXvla
— The White House (@WhiteHouse) August 25, 2026
दक्षिण एशिया में अमेरिका के नॉन-इमिग्रेंट वीज़ा पाने वालों में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा रही. सितंबर 2025 में भारतीयों को 70,903 B1/B2 विजिटर वीज़ा मिले थे, जो पाकिस्तान को दिए गए वीज़ा की संख्या से 14 गुना से भी ज्यादा है.
इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी प्रशासन ने 5.5 करोड़ से ज्यादा वीज़ा धारकों की समीक्षा की घोषणा की थी. इसके बाद 1.75 लाख से ज्यादा वीज़ा विदेशी नागरिकों के रद्द किए गए. अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा था कि इन लोगों ने “अपने वीज़ा की शर्तों का उल्लंघन किया, अपराध किए, अमेरिकी नागरिकों के खिलाफ हिंसा की अपील की, अमेरिकियों के साथ धोखाधड़ी की, इमिग्रेशन सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया या राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला.”
जनवरी से अगस्त 2025 के बीच हज़ारों विदेशी छात्रों के वीज़ा भी रद्द किए गए. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि यह संख्या 6,000 से ज्यादा थी.
मंगलवार को व्हाइट हाउस ने एक्स पर एक पोस्ट में AP की रिपोर्ट को स्वीकार किया.
पोस्ट में कहा गया, “2 लाख तक वीज़ा रद्द किए जाने की तैयारी. अमेरिका इतिहास में सबसे बड़े सामूहिक वीज़ा कैंसिलेशन के लिए तैयार.”
Trump 2.0 ने पहले भी B1 और B2 वीज़ा के इस्तेमाल पर रोक लगाने की दिशा में कदम उठाए थे. पिछले महीने विदेश विभाग ने एक पायलट प्रोग्राम को स्थायी कर दिया था, जिसके तहत 50 देशों के आवेदकों को 20,000 डॉलर तक का वीज़ा बॉन्ड जमा करना ज़रूरी था.
Trump 2.0 का वीज़ा शिकंजा
वीज़ा, ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन को सीमित करने और अमेरिका में आने वाले विदेशियों की ज्यादा जांच करने की कोशिश का एक अहम हिस्सा बन गए हैं.
B1 और B2 वीज़ा धारकों के खिलाफ प्रस्तावित कार्रवाई इस अभियान को काफी बड़े समूह तक ले जाएगी. इससे उन लोगों पर भी असर पड़ सकता है, जिनके वीज़ा मौजूदा प्रशासन के आने से कई साल पहले जारी किए गए थे और जिन्होंने बाद में अमेरिका में शरण के लिए आवेदन किया.
एपी को दो अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि B1 या B2 वीज़ा रखने वाले लोगों से जुड़े कई लंबित शरण मामलों की श्रेणी बदली जाएगी. प्रवासी अपना कानूनी दर्जा खो सकते हैं, लेकिन इस कदम से उन्हें तुरंत देश से बाहर नहीं निकाला जाएगा.
प्रशासन के व्यापक इमिग्रेशन अभियान को पहले ही कई कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क की एक संघीय अदालत के जज ने मार्को रुबियो के प्रस्तावित वीजा बैन को रद्द कर दिया था. यह बैन 75 देशों के लोगों पर लागू होना था. विदेश विभाग ने कहा था कि इस कदम का निशाना उन देशों के प्रवासी थे, जिन्हें “अमेरिकी सरकारी लाभों पर निर्भरता के लिए हाई रिस्क” माना जाता है.
विभाग ने कहा कि जिन लोगों के वीजा रद्द किए गए, उनमें वे लोग शामिल थे जिन्हें वह सार्वजनिक सुरक्षा या राष्ट्रीय हितों के लिए खतरा मानता है. इनमें अपराधों के आरोपी, अमेरिकियों के खिलाफ हिंसा का समर्थन करने वाले, गैरकानूनी तरीके से बच्चे के जन्म के लिए अमेरिका आने की योजना बनाने वाले या धोखाधड़ी करने वाले लोग शामिल हैं.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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