ठाणे, 22 अक्टूबर (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे में तलाक के विवाद को लेकर अपने एक रिश्तेदार की कथित तौर पर हत्या करने और वारदात को ट्रेन दुर्घटना का रूप देने के मामले में 28 साल से फरार एक व्यक्ति को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
मुख्य आरोपी की पहचान 55 वर्षीय संदीप कृष्णन के रूप में हुई है। उसे आधुनिक तकनीकी निगरानी और आंकड़ों के विश्लेषण के जरिए पता लगाने के बाद 18 अक्टूबर को जीआरपी की एक विशेष टीम ने बिहार से गिरफ्तार किया।
रेलवे पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 14 जनवरी, 1998 की है। उस दिन स्टेशन मास्टर ने डोंबिवली रेलवे पुलिस को डोंबिवली और कोपर स्टेशनों के बीच रेलवे पटरी पर एक शव के पड़े होने की सूचना दी थी।
अधिकारियों के अनुसार घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद जांचकर्ताओं को संदेह हुआ, क्योंकि चोटों की प्रकृति और शव की स्थिति से संकेत मिला कि यह रेलवे दुर्घटना के बजाय जानबूझकर की गई हत्या थी। बाद में मृतक की पहचान 22 वर्षीय शैलेश मोरे के रूप में हुई।
अधिकारियों के अनुसार जांच में पता चला कि मोरे और आरोपी एक-दूसरे को जानते थे। उनके बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद होने से पहले उन्होंने साथ में शराब पी थी।
एक अधिकारी ने बताया कि हत्या का मुख्य कारण इस बात को लेकर नाराजगी थी कि शैलेश मोरे ने आरोपियों में से एक की बहन को तलाक दे दिया था।
अधिकारी ने कहा कि विवाद के दौरान आरोपियों ने मोरे का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को रेलवे पटरी पर रख दिया।
अधिकारी ने कहा कि वारदात के बाद तीनों सह-आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने पहले ही फरार आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर दिया था, लेकिन वे लगभग तीन दशकों तक पकड़ में नहीं आए।
अधिकारी ने बताया कि पुराने अनसुलझे मामलों में लंबे समय से वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में हाल ही में एक विशेष टीम बनाई गई। अधिकारी ने कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और मोबाइल टावर की लोकेशन के आंकड़ों का इस्तेमाल करके जांचकर्ताओं ने कृष्णन का पता बिहार में लगाया। उन्होंने बताया कि इसके बाद एक विशेष पुलिस दल बिहार भेजा गया, जहां आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
अधिकारी ने कहा कि कृष्णन को बिहार की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने ट्रांजिट वारंट जारी किया। अधिकारी ने कहा कि इसके बाद उसे डोंबिवली लाया गया और एक अदालत में पेश किया गया और अदालत ने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
अधिकारी ने बताया कि मामले में शामिल बाकी आरोपियों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
भाषा राखी अमित
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