इंफाल, 20 अप्रैल (भाषा) मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले में दो दिन पहले हुई एक रैली के दौरान हिंसा में शामिल होने के आरोप में कम से कम 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 18 अप्रैल को हुई हिंसा के दौरान सुरक्षाकर्मियों के वाहनों पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंके गए, जिससे तीन सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
उन्होंने कहा, ‘‘भीड़ हिंसा के संबंध में 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।’’
हाल ही में हुए बम हमले में दो बच्चों की मौत की घटना के विरोध में मशाल रैली निकाली गई थी।
पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘नागरिक समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों (सीएसओ) ने शनिवार को इंफाल जिरीबाम रोड पर पटसोई से सगोलबंद तक मशाल रैली निकाली और इस दौरान भीड़ हिंसक हो गई और उसने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया, पेट्रोल बम फेंके, गुलेल चलाई जिससे कई लोग घायल हो गए।’’
घटना के दौरान सुरक्षा बलों के वाहनों में तोड़फोड़ भी की गई। घटना में सीआरपीएफ की 232वीं बटालियन के तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ बयान देने और हिंसा भड़काने के आरोप में 23 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया, ‘‘इस मामले में इंफाल पश्चिम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। वह अरमबाई तेंगगोल (एटी) का सदस्य है।’’
पुलिस ने कहा कि जांच जारी है। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि हिंसा भड़काने या सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मणिपुर घाटी के विभिन्न जिलों में रविवार शाम को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए और उन्होंने हाल ही में हुए बम हमले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई थी।
इंफाल पूर्व के कोइरेंगेई और हट्टा गोलपति तथा इंफाल पश्चिम के काकचिंग और मयाई लम्बा में रात्रि रैलियां आयोजित की गईं।
प्रदर्शनकारियों की इंफाल पश्चिम के उरीपोक, इंफाल पूर्व के खबाम लामखाई और कोइरेंगेई तथा काकचिंग कस्बे में सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प हुई।
पुलिस ने बताया कि सुरक्षा बलों ने इन जिलों में कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे।
भाषा शोभना वैभव
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