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Wednesday, 22 July, 2026
होमदेशपुलिस कार्रवाई के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति में घायल 20 साल की छात्रा अब भी वेंटिलेटर पर

पुलिस कार्रवाई के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति में घायल 20 साल की छात्रा अब भी वेंटिलेटर पर

छात्रा की पहचान साक्षी के रूप में हुई है. माना जा रहा है कि आंसू गैस छोड़े जाने के बाद भीड़ के भागने से बनी भगदड़ जैसी स्थिति में उन्हें ऑक्सीजन की कमी (एस्फिक्सिया) हो गई.

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नई दिल्ली: सोमवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संसद मार्च के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति में गिरकर गंभीर रूप से घायल हुई 20 साल की छात्रा को होश आ गया है, लेकिन वह अब भी वेंटिलेटर पर है. दिप्रिंट को मिली जानकारी के मुताबिक, उन्हें राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है.

छात्रा की पहचान साक्षी के रूप में हुई है. वह दिल्ली के छतरपुर एक्सटेंशन की रहने वाली हैं. माना जा रहा है कि आंसू गैस छोड़े जाने के बाद भीड़ के भागने से बनी भगदड़ जैसी स्थिति में उन्हें एस्फिक्सिया (ऑक्सीजन की कमी) हो गई.

एस्फिक्सिया एक जानलेवा स्थिति होती है, जिसमें शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती. इससे व्यक्ति बेहोश हो सकता है या उसकी मौत भी हो सकती है.

सूत्रों के मुताबिक, साक्षी के चेहरे, सीने और गर्दन पर गंभीर चोटें आई हैं. वह अपनी बड़ी बहन के साथ प्रदर्शन में गई थीं. उनकी बहन के पैर में भी चोट लगी है. साक्षी एडवांस्ड डिप्लोमा इन कंप्यूटर एप्लीकेशंस (ADCA) की पढ़ाई कर रही हैं.

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक के विरोध में सोमवार को सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान हंगामा हो गया था. हज़ारों प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए दिल्ली पुलिस ने लाठीचार्ज किया था. इसके बाद कई घायल प्रदर्शनकारियों को आरएमएल अस्पताल लाया गया.

साथी प्रदर्शनकारियों के साथ मंगलवार को आरएमएल अस्पताल पहुंचे पंकज गुप्ता | फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट
साथी प्रदर्शनकारियों के साथ मंगलवार को आरएमएल अस्पताल पहुंचे पंकज गुप्ता | फोटो: स्पेशल अरेंजमेंट

दिप्रिंट ने साक्षी और दूसरे घायल छात्रों की चोटों के बारे में जानकारी लेने के लिए अस्पताल प्रशासन से कई बार संपर्क किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला.

मंगलवार को भी कई अन्य प्रदर्शनकारियों को आरएमएल अस्पताल लाया गया. हालांकि, अस्पताल की तरफ से अब तक यह नहीं बताया गया कि कुल कितने घायल छात्रों को भर्ती किया गया और इलाज के बाद कितनों को छुट्टी दी गई. सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार सुबह 8 बजे तक आरएमएल अस्पताल के इमरजेंसी विभाग में करीब 180 घायल लाए गए थे. इनमें 89 पुलिसकर्मी भी शामिल थे.

कुल घायलों में से 96 लोगों को सर्जरी विभाग भेजा गया, जहां टांके लगाने, प्लास्टर करने जैसे इलाज किए गए.

दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मी | फोटो: स्नेहा रिछारिया/दिप्रिंट
दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मी | फोटो: स्नेहा रिछारिया/दिप्रिंट

वेंटिलेटर पर भर्ती महिला को छोड़कर बाकी सभी मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी मंगलवार को आरएमएल अस्पताल पहुंचे और साक्षी की मां से मुलाकात की. जब दिप्रिंट की टीम मंगलवार को आरएमएल अस्पताल पहुंची, तो वहां दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की भारी तैनाती थी.

कई बार अनुरोध करने के बावजूद दिप्रिंट के रिपोर्टर को साक्षी के परिवार से मिलने या उनकी हालत के बारे में बात करने की अनुमति नहीं दी गई.

दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मी | फोटो: स्नेहा रिछारिया/दिप्रिंट
दिल्ली के आरएमएल अस्पताल में तैनात पुलिसकर्मी | फोटो: स्नेहा रिछारिया/दिप्रिंट

आरएमएल अस्पताल के सर्जरी विभाग की प्रमुख डॉ. नीति कपूर, जिनकी निगरानी में साक्षी का इलाज चल रहा है, ने छात्रा की हालत पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. मंगलवार दोपहर अस्पताल परिसर में प्रदर्शन के दौरान घायल एक और छात्र को उसके साथी इलाज के लिए लेकर आए.

दिल्ली यूनिवर्सिटी में दर्शनशास्त्र (फिलॉसफी) के दूसरे साल के 22 साल के स्टूडेंट सिद्धांत, जो 20 जून से प्रदर्शन में शामिल हैं, अपने दोस्त जितेंद्र नगर के साथ 19 साल के पंकज गुप्ता (बदला हुआ नाम) को स्ट्रेचर पर लेकर आरएमएल अस्पताल पहुंचे. पंकज उत्तर प्रदेश के बलिया के रहने वाले हैं और राजनीति विज्ञान के छात्र हैं.

पंकज का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. वह सोमवार को बिना परिवार को बताए प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली आए थे. प्रदर्शन के दौरान उनकी सिद्धांत से दोस्ती हुई. सिद्धांत ने कहा कि पंकज का सामान चोरी हो गया और सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें पीटा, गालियां दीं और वीडियो बनाने पर धमकाया.

सिद्धांत ने दिप्रिंट से कहा, “पुलिस की वर्दी में नहीं थे ऐसे 5-6 लोगों ने डंडों से उनके हाथ, पीठ और पैरों पर मारा.”

दिल्ली के जंतर-मंतर में सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति में गंभीर रूप से घायल हुई 20 साल की छात्रा दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं | फोटो: स्नेहा रिछारिया/दिप्रिंट
दिल्ली के जंतर-मंतर में सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति में गंभीर रूप से घायल हुई 20 साल की छात्रा दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हैं | फोटो: स्नेहा रिछारिया/दिप्रिंट

सिद्धांत ने बताया कि वह बंगला साहिब गुरुद्वारा में रुके हुए थे. वहीं उन्हें पंकज का फोन आया कि वह बुरी तरह घायल हैं. इसके बाद सिद्धांत उन्हें सोमवार रात अपने साकेत स्थित घर ले गए और मंगलवार को इलाज के लिए आरएमएल अस्पताल लेकर आए.

पंकज की एक्स-रे रिपोर्ट सामान्य आने के बाद उन्हें दर्द की दवा और एंटीबायोटिक लिखकर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

जितेंद्र नगर ने कहा, “उन्हें अभी भी पूरे शरीर में दर्द है — कंधों, सीने, कूल्हों और पैरों में.”

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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