नई दिल्ली: NEET पेपर लीक को लेकर जारी छात्र प्रदर्शनों और सुरक्षा कारणों के चलते शनिवार को सुबह 7:30 बजे से दिल्ली के 18 मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे.
बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों में लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंभा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, ITO, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग, शिवाजी स्टेडियम, झंडेवालान और नई दिल्ली शामिल हैं.
हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा जारी रहेगी.
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा, “25 जुलाई 2026 को सुबह 7:30 बजे से अगले आदेश तक ये मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे. हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज सुविधा उपलब्ध रहेगी. यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए खेद है.”
इस बीच, जंतर-मंतर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त बैरिकेड लगाए हैं, जिन्हें भारी लोहे की चेन और वेल्डिंग के जरिए मजबूत किया गया है.
ये कदम NEET पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को देखते हुए उठाए गए हैं.
शुक्रवार को शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने जनरल मैनेजर स्तर के वरिष्ठ पेशेवर पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया. साथ ही UPSC के प्रतिभा सेतु पोर्टल के जरिए 16 यंग प्रोफेशनल पदों के लिए भी आवेदन मांगे गए हैं.
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ये भर्तियां प्रो. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर NTA में संस्थागत सुधार की दिशा में पहला बड़ा कदम हैं.
उधर, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन को मंजूरी दी है, ताकि पेपर लीक रोकने के लिए कानून को और सख्त बनाया जा सके. सूत्रों के मुताबिक, इससे जुड़ा संशोधन विधेयक 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है.
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार देर रात X पर जारी वीडियो संदेश में पेपर लीक के मामलों पर “और सख्त कार्रवाई” का भरोसा दिया था. उन्होंने कहा कि कैबिनेट इस मसौदा विधेयक पर विचार करेगी.
वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अनशन समाप्त कर दिया. मेडांटा अस्पताल में केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में उन्होंने अपना अनशन खत्म किया. वांगचुक ने कहा कि NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों और प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार को लेकर केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया.
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