Monday, 8 August, 2022
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चमोली में ग्लेशियर टूटने से आई तबाही में 150 मजदूर लापता 3 शव मिले, केंद्र का हर संभव मदद का आश्वासन

उत्तराखंड के चमोली जिले की ऋषिगंगा घाटी में ग्लेशियर टूटने से आई विकराल बाढ़ के बाद गढ़वाल क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है. डीजीपी अशोक कुमार ने बताया तपोवन बांध में फंसे 16 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित स्थानों पर भेजा है.

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 देहरादून/गोपेश्वर/ नई दिल्ली: उत्तराखंड के चमोली जिले की ऋषिगंगा घाटी में रविवार को ग्लेशियर के टूटने से अभी तक बचाव कार्य में लगी आईटीबीपी को 3 लोगों का शव बरामद हुआ है. जबकि डीजीपी अशोक कुमार ने कहा है कि तपोवन बांध में फंसे 16 लोगों को पुलिस ने सुरक्षित स्थानों पर भेजा है. उत्तराखंड के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि चमोली जिले में आई बाढ़ में 100-150 लोग हताहत हुए हैं.

गलेशियर के टूटने से अलकनंदा और इसकी सहायक नदियों में अचानक आई विकराल बाढ़ के बाद गढ़वाल क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है. इस आपदा पर केंद्र सरकार की भी नजर बनी हुई है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया है.

बचाव कार्य तेजी से किया जा रहा है. गृह मंत्रालय ने वायुसेना को जहां अलर्ट किया है वहीं एनडीआरएफ, एसटीआरएफ और आईटीबीपी की टीम राहत कार्य में जुटी है.

एनडीआरएफ की कई टुकड़ियां मदद के लिए दिल्ली से उत्तराखंड भेजी गई हैं. भारतीय सेना ने भी रेनी गांव में सेना के चार कॉलम, दो मेडिकल टीम और एक इंजीनियरिंग टास्क फोर्स की तैनाती की गई है. सेना के हेलिकॉप्टर भी तैयार हैं.

राज्य के आपदा मोचन बल की डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि ऋषिगंगा ऊर्जा परियोजना में काम करने वाले 150 से अधिक कामगार संभवत: इस प्राकृतिक आपदा से सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं.

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उन्होंने कहा, ‘ऊर्जा परियोजना के प्रतिनिधियों ने मुझे बताया है कि परियोजना स्थल पर मौजूद रहे 150 कामगारों से उनका संपर्क नहीं हो पा रहा है.’ बाढ़ से चमोली जिले के निचले इलाकों में खतरा देखते हुए राज्य आपदा प्रतिवादन बल और जिला प्रशासन को सतर्क कर दिया गया है.

आईटीबीपी के प्रवक्ता विवेक ने कहा कि हमारी 200 लोगों की टीम अलग अलग इलाके में राहत के कार्य कर रही है. अभी स्थिति नियंत्रण में हैं.

विवके ने यह भी बताया कि अगर जरूरत पड़ेगी तो और टुकड़ियों को राहत के काम के लिए भेजा जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि विजुअल्स जो आए हैं उसमें देखा गया है कि डैम पर जो निर्मला कार्य चल रहा था वहां कुछ लोग बह गए हैं.

नदी के बहाव में कभी केंद्र ने दिया मदद का आश्वासन

हालांकि, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा है कि नदी के बहाव में कमी आई है जो राहत की बात है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.

रावत ने ट्वीट किया, ‘राहत की खबर ये है कि नंदप्रयाग से आगे अलकनंदा नदी का बहाव सामान्य हो गया है. नदी का जलस्तर सामान्य से अब एक मीटर ऊपर है लेकिन बहाव कम होता जा रहा है. राज्य के मुख्य सचिव, आपदा सचिव, पुलिस अधिकारी एवं मेरी समस्त टीम आपदा कंट्रोल रूम में स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है.’

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात कर उन्हें हरसंभव मदद मुहैया कराने का आश्वासन दिया.

मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘उत्तराखंड में दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा हूं. भारत उत्तराखंड के साथ खड़ा है और देश सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहा है. वरिष्ठ अधिकारियों से लगातार बात कर रहा हूं और एनडीआरएफ की तैनाती, बचाव और राहत कार्यों से संबंधित जानकारियां लगातार ले रहा हूं.’

प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तराखंड की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और अन्य शीर्ष अधिकारियों से बात की. उन्होंने बचाव और राहत कार्य का जायजा लिया. अधिकारी प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के लिए काम कर रहे हैं.’

 एनडीआरएफ की अतिरिक्त टीम भेजी वायुसेना को किया अलर्ट

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से बात की और कहा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की कुछ टीम दिल्ली से हवाई मार्ग से उत्तराखंड भेजी जा रही हैं.

शाह ने ट्वीट किया, ‘उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा की सूचना के संबंध में मैंने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, आईटीबीपी के महानिदेशक और एनडीआरएफ के महानिदेशक से बात की है.’

उन्होंने कहा कि सभी संबंधित अधिकारी लोगों को सुरक्षित करने में युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं. एनडीआाएफ की टीम बचाव कार्य के लिए निकल गई हैं. देवभूमि को हरसंभव मदद दी जाएगी.

गृह मंत्री ने कहा, ‘ राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की कुछ और टीम दिल्ली से हवाई मार्ग से उत्तराखंड भेजी जा रही हैं. हम वहाँ की स्थिति पर निरंतर नजर रख रहे हैं .’

गौरतलब है कि उत्तराखंड के चमोली जिले में ऋषिगंगा घाटी में रविवार को हिमखंड के टूटने से अलकनंदा और इसकी सहायक नदियों में अचानक विकराल बाढ़ आ गई है.

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार उत्तराखंड में हालात पर लगातार नजर रख रही है.

नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क से निकलने वाली ऋषिगंगा के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में टूटे हिमखंड से आई बाढ़ के कारण धौलगंगा घाटी और अलकनन्दा घाटी में नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया जिससे ऋषिगंगा और धौली गंगा के संगम पर बसे रैणी गांव के समीप स्थित एक निजी कम्पनी की ऋषिगंगा बिजली परियोजना को भारी नुकसान पहुंचा है.

इसके अलावा, धौली गंगा के किनारे बाढ़ के वेग के कारण जबरदस्त भू कटाव हो रहा है.

बता दें कि एक ओर जहां भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता जेपी नड्डा ने भाजपा के कार्यकर्ताओं को आगे आने और आपदा में मदद करने की गुहार लगाई है वहीं लोक सभा के अध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी चिंता जताते हुए ट्वीट किया है. बिड़ला ने ट्वीट किया, ‘#Uttrakhand के #Chamoli में ग्लेशियर फटने के कारण आई बाढ़ में कई लोगों के लापता होने का समाचार चिंताजनक है. मैं सभी के सकुशल होने की कामना करता हूं. मेरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री @tsrawatbjpजी के नेतृत्व में राज्य सरकार राहत एवं बचाव के लिए तेजी से कार्य कर रही है.

कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी चिंता व्यक्त की है. राहुल ने कांग्रेस के साथियों से राहत के कामों में हाथ बंटाने की गुहार लगाई है और ट्वीट किया, चमोली में ग्लेशियर फटने से बाढ़ त्रासदी बेहद दुखद है. मेरी संवेदनाएं उत्तराखंड की जनता के साथ हैं. राज्य सरकार सभी पीड़ितों को तुरंत सहायता दें. कांग्रेस साथी भी राहत कार्य में हाथ बटाएं.

यूपी में भी गंगा किनारे हाई अलर्ट

इस बीच, उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से उत्पन्न हुई परिस्थितियों के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  उत्तर प्रदेश के संबंधित विभागों और अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया.

योगी ने गंगा नदी के किनारे पड़ने वाले सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को भी पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं.

इस बीच, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्‍य सचिव (सूचना) नवनीत सहगल ने ट्वीट कर उत्‍तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को आपदा अलर्ट जारी किया है. उन्होंने कहा, ‘उत्‍तराखंड में नंदा देवी ग्‍लेशियर का एक हिस्‍सा टूटने की रिपोर्ट मिली है और गंगा नदी के किनारे पड़ने वाले सभी जिलों में जल स्‍तर संबंधी सतर्कता की 24 घंटे निगरानी किए जाने की आवश्‍यकता है. इसके लिए राष्‍ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्‍य आपदा मोचन बल और पीएसी की बाढ़ नियंत्रण कंपनी को भी उच्‍च स्‍तर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.’

एनटीपीसी जिसका इस नदी पर काम चल रहा था उसने भी ट्वीट कर कहा है कि उत्तराखंड में तपोवन के पास एक हिमस्खलन ने क्षेत्र में हमारे निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा है. जिला प्रशासन और पुलिस की मदद से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है, बचाव अभियान जारी है.

चमोली के जिला प्रशासन की ओर से अलकनन्दा नदी के किनारे रह रहे लोगों के लिए अलर्ट जारी किया गया है.

क्या देखा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्रातः अचानक जोर की आवाज के साथ धौली गंगा का जलस्तर बढ़ता दिखा. पानी तूफान के आकार में आगे बढ़ रहा था और वह अपने रास्ते में आने वाली सभी चीजों को अपने साथ बहाकर ले गया.  रैणी से लेकर श्रीनगर तक अलकनन्दा के किनारे रह रहे लोगों के लिए चेतावनी जारी कर दी गई है.

रैणी में सीमा को जोड़ने वाला मुख्य मोटर मार्ग भी इस बाढ़ की चपेट में आकर बह गया है. दूसरी ओर रैणी से जोशीमठ के बीच धौली गंगा पर नेशनल थर्मल पॉवर कारपोरेशन की तपोवन विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना के बैराज स्थल के आसपास के इलाके में भी कुछ आवासीय भवन बाढ़ की चपेट में आकर बह गए हैं.


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