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Friday, 12 June, 2026
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AI171 विमान हादसे के एक साल बाद भी जांच रिपोर्ट का इंतज़ार, मुआवजा प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल

एयर इंडिया का कहना है कि 96% मामलों में 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा दिया जा चुका है, लेकिन सवाल उठ रहे हैं कि हादसे का कारण सामने आए बिना अंतिम समझौते किए जाने चाहिए या नहीं.

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नई दिल्ली: अहमदाबाद में AI-171 विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हुए एक साल बीत गया है. एयर इंडिया का कहना है कि उसने प्रभावित परिवारों में से अधिकांश को मुआवजा दे दिया है और अब तक लगभग 300 करोड़ रुपये मुआवजे तथा अनुग्रह सहायता के रूप में वितरित किए जा चुके हैं.

लेकिन हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है और एयरलाइन द्वारा अंतिम समझौते (फाइनल सेटलमेंट) के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में पिछले कई दशकों की भारत की सबसे बड़ी विमान दुर्घटना के बाद की स्थिति अभी भी पूरी तरह सुलझ नहीं पाई है.

जांच से जुड़े सूत्रों ने दिप्रिंट को बताया कि अंतिम रिपोर्ट जल्द जारी होने की संभावना नहीं है, क्योंकि जांचकर्ता अभी भी हादसे के तकनीकी और परिचालन संबंधी पहलुओं की जांच कर रहे हैं.

एयर इंडिया के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों के 96 प्रतिशत मामलों में 25 लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा दिया जा चुका है. वहीं ज़मीन पर घायल हुए लोगों में से 94 प्रतिशत को उनकी चोटों और आजीविका के नुकसान के आधार पर या तो अंतरिम मुआवजा या पूरा और अंतिम मुआवजा मिल चुका है.

टाटा समूह के AI-171 मेमोरियल एंड वेलफेयर ट्रस्ट ने भी एन. चंद्रेशेखरण द्वारा घोषित 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता 91 प्रतिशत प्रभावित परिवारों को वितरित कर दी है.

हालांकि, मुआवजा प्रक्रिया को लेकर कुछ परिवारों और पीड़ितों का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील ने सवाल उठाए हैं.

AI-171 हादसे के पीड़ितों और उनके परिवारों का प्रतिनिधित्व कर रहे अमेरिकी विमानन वकील माइक एंड्रयूज ने दिप्रिंट से कहा, “परिवारों को एयर इंडिया की ओर से प्रतिरोध और अनिच्छा का सामना करना पड़ रहा है. दावों का निपटारा अभी तक नहीं हुआ है. कुछ परिवारों से ऐसे समझौता पत्रों पर हस्ताक्षर करने को कहा जा रहा है, जिनसे वे भविष्य में बोइंग के खिलाफ दावा करने का अधिकार छोड़ सकते हैं.”

उन्होंने कहा, “अगर ऐसे समझौते स्वीकार कर लिए जाते हैं, तो हादसे का कारण तय होने से पहले ही बोइंग को कानूनी कार्रवाई से सुरक्षा मिल सकती है.”

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी की बेटी राधिका मिश्रा ने भी सवाल उठाया कि जब तक जांच एजेंसियां हादसे का कारण तय नहीं कर लेतीं, तब तक क्या परिवारों से अंतिम समझौते पर विचार करने के लिए कहा जाना चाहिए.

एयर इंडिया ने परिवारों पर दबाव डालने से किया इनकार

इस साल की शुरुआत में कई पीड़ितों के परिवारों ने ब्लैक बॉक्स का डेटा सार्वजनिक करने की मांग भी की थी. उन्होंने अधिकारियों से जांच की प्रगति के बारे में अधिक जानकारी देने की अपील की थी. उनका कहना था कि केवल मुआवजा देने से जवाबदेही तय नहीं होती और न ही परिवारों को पूरी तरह संतोष मिल सकता है.

एयर इंडिया ने इस बात से इनकार किया है कि परिवारों पर किसी तरह का दबाव डाला जा रहा है. एयरलाइन का कहना है कि अंतिम मुआवजे के प्रस्ताव को स्वीकार करने की “बिल्कुल कोई समय-सीमा नहीं” है और दावेदार चाहें तो विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की अंतिम रिपोर्ट आने तक इंतजार कर सकते हैं और उसके बाद ही किसी समझौते पर हस्ताक्षर कर सकते हैं.

एयर इंडिया ने रुपाणी की बेटी को भेजे गए एक ईमेल में, जिसकी प्रति दिप्रिंट ने देखी है, कहा, “हमने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता लेने और जांच रिपोर्ट का इंतज़ार करने के बीच किसी तरह का दबाव महसूस न हो.”

विजय रुपाणी उन यात्रियों में शामिल थे, जिनकी 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में मौत हो गई थी.

एयर इंडिया ने आगे कहा कि जांच पूरी तरह स्वतंत्र रूप से AAIB द्वारा की जा रही है और उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि अंतिम रिपोर्ट कब जारी होगी. एयरलाइन ने बताया कि उसने अक्टूबर 2025 में परिवारों के साथ अंतिम मुआवजे को लेकर बातचीत शुरू की थी, जब अधिकांश अंतरिम भुगतान पूरे हो चुके थे.

हालांकि, मुआवजे के अलावा एयर इंडिया का कहना है कि उसने हादसे वाली जगह से बरामद सामान परिवारों को लौटाने के लिए भी व्यापक प्रयास किए हैं.

हादसे के बाद 22,000 से अधिक सामानों की पहचान कर उनका रिकॉर्ड तैयार किया गया था. 187 मृतकों से जुड़े सामानों में से 139 लोगों का सामान भारत और यूनाइटेड किंगडम में उनके परिवारों को वापस सौंप दिया गया है.

एयरलाइन ने कहा कि 77 मृतकों में से 60 लोगों का ऐसा सामान, जिसकी शुरुआत में किसी विशेष व्यक्ति से पहचान नहीं हो पाई थी, उसे भी एक विशेष पहचान प्रक्रिया के जरिए परिवारों को लौटा दिया गया है.

हादसे वाली जगह से 25 डिजिटल उपकरण (डिजिटल डिवाइस) भी मिले थे, जिनमें से 16 को अधिकारियों की जांच के बाद परिवारों को वापस कर दिया गया है.

एयर इंडिया शुक्रवार को इस हादसे की बरसी पर आंतरिक स्तर पर भी श्रद्धांजलि दे रही है. भारत और विदेशों में उसके कार्यालयों और हवाई अड्डों पर कर्मचारी हादसे में जान गंवाने वालों की याद में दो मिनट का मौन रखेंगे.

जांचकर्ताओं ने यह पता लगा लिया है कि उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद दोनों इंजनों के फ्यूल कंट्रोल स्विच “कटऑफ” स्थिति में चले गए थे, जिससे इंजन की ताकत (थ्रस्ट) खत्म हो गई, लेकिन ऐसा क्यों हुआ, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है और AAIB ने अब तक अपनी अंतिम रिपोर्ट जारी नहीं की है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)


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