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Friday, 12 June, 2026
होमदेशपेपर लीक विवाद के बाद NEET-UG पर कड़ा पहरा, हब से परीक्षा केंद्र तक CRPF-CISF की दोहरी सुरक्षा

पेपर लीक विवाद के बाद NEET-UG पर कड़ा पहरा, हब से परीक्षा केंद्र तक CRPF-CISF की दोहरी सुरक्षा

3 मई की परीक्षा रद्द होने के बाद 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा के लिए गृह मंत्रालय ने व्यापक सुरक्षा योजना लागू की है. परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी NTA ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की मदद मांगी थी.

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नई दिल्ली: गृह मंत्रालय ने नीट-यूजी 2026 के प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करने हेतु केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के जवानों की तैनाती का आदेश दिया है.

यह परीक्षा पहले 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों के आरोपों के बाद इसे रद्द कर दिया गया था. अब यह परीक्षा 21 जून को दोबारा आयोजित होगी.

इस बेहद गोपनीय काम के लिए मंत्रालय ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की तैनाती का आदेश दिया है. ये बल प्रश्नपत्रों के परिवहन के दौरान और उम्मीदवारों की ओएमआर शीट के मूल्यांकन के समय भी सुरक्षा प्रदान करेंगे.

दिप्रिंट द्वारा देखे गए 7 जून के मंत्रालय के आदेश के अनुसार, दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत अहमदाबाद और हैदराबाद स्थित मूल हब से प्रश्नपत्रों को ले जाने के दौरान पूरे मार्ग पर सुरक्षा दी जाएगी. इसमें हवाई अड्डे, हेलिपैड और अन्य महत्वपूर्ण स्थान भी शामिल होंगे.

गृह मंत्रालय ने कहा, “दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू करना आवश्यक है, विशेष रूप से प्रश्नपत्रों और परीक्षा के बाद ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं जैसी गोपनीय परीक्षा सामग्री के सुरक्षित परिवहन और प्रबंधन के लिए. इस संबंध में, इन सामग्रियों के परिवहन और संचालन के महत्वपूर्ण चरणों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के लिए सीएपीएफ की सहायता मांगी गई है.”

ये व्यापक सुरक्षा इंतजाम राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के अनुरोध पर किए गए हैं, जो यह परीक्षा आयोजित करती है. एनटीए ने इसी महीने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर निर्धारित बैंक शाखाओं तक प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए सीएपीएफ की तैनाती की मांग की थी. प्रश्नपत्रों की डिलीवरी 19 जून तक पूरी की जानी है.

गृह मंत्रालय के आदेश में शामिल एक पत्र में एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने बताया कि परीक्षा के दिन शाम से शुरू होने वाली ओएमआर शीटों की वापसी प्रक्रिया के दौरान भी सीएपीएफ की तैनाती आवश्यक होगी.

ये सुरक्षा कदम उस निर्णय के कुछ दिनों बाद उठाए गए हैं, जब केंद्र सरकार ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई बैठक में प्रश्नपत्रों को सुरक्षित और लीक-रहित तरीके से हब तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायु सेना की मदद लेने का फैसला किया था.

दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत उन सभी स्थानों पर सीएपीएफ के जवान तैनात किए जाएंगे, जहां से प्रश्नपत्र भारतीय वायु सेना के हेलीकॉप्टरों या विमानों के जरिए भेजे जाएंगे. परिवहन श्रृंखला के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सुरक्षा देने के अलावा सीएपीएफ कर्मी विमानों में प्रश्नपत्रों के साथ भी यात्रा करेंगे. तैनात कर्मियों की पूरी सूची रक्षा मंत्रालय द्वारा रखी जाएगी.

पहले चरण (लेग-1) में दिल्ली, चेन्नई, अहमदाबाद, गुवाहाटी समेत 15 शहरों के हवाई अड्डे शामिल हैं, जबकि दूसरे चरण (लेग-2) में 85 शहरों को कवर किया जाएगा. इसके अलावा 34 शहरों और कस्बों में हेलीकॉप्टरों के जरिए प्रश्नपत्र पहुंचाए जाएंगे.

गृह मंत्रालय के आदेश में कहा गया है, “भारतीय वायु सेना की सलाह के अनुसार, ड्यूटी के दौरान सेवा हथियार रखने वाले सीएपीएफ कर्मियों को विमान में चढ़ने से पहले अपने हथियार जमा कराने होंगे. जमा किए गए हथियारों को सुरक्षित रखा जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार गंतव्य हवाई अड्डे पर वापस सौंप दिया जाएगा.”

पूरी प्रक्रिया में शामिल सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए गृह मंत्रालय ने सीआरपीएफ और सीआईएसएफ मुख्यालयों को संचार के लिए एक-एक नोडल अधिकारी (सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट) नियुक्त करने का निर्देश दिया है.

(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)

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