नई दिल्ली: अभिनेता इमरान खान मुंबई पुलिस के उस नोटिस को अदालत में चुनौती देने की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें उन्हें 13 दिन के अंदर भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में हुए प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के पांच दिन बाद उन्हें यह नोटिस दिया गया है.
43 साल के खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्ड है. 10 अक्टूबर को अगस्त क्रांति मैदान में हिरासत में लिए गए करीब 400 लोगों में शामिल होने के बाद उन्हें गुरुवार को इमिग्रेशन अधिनियम के प्रावधानों के तहत ‘भारत छोड़ो’ नोटिस जारी किया गया. उनके साथ उनकी साथी लेखा वॉशिंगटन और चचेरी बहन ज़ैन मैरी खान को भी हिरासत में लिया गया था.
दिप्रिंट से बात करते हुए अभिनेता के वकील ने कहा कि अभिनेता की मंजूरी मिलने के बाद वे अदालत में याचिका दायर करेंगे.
जुल्फिकार मेमन ने कहा, “हम इस मामले पर इमरान खान से बात कर रहे हैं. उनकी आखिरी मंजूरी मिलते ही हम अदालत में याचिका दायर करेंगे. लेकिन हम इस नोटिस को चुनौती देने जा रहे हैं.”
बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस याचिका पर मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की दो जजों वाली पीठ सुनवाई कर सकती है.
‘कोई निजी दुश्मनी नहीं’
मुंबई पुलिस के मुताबिक, अभिनेता को इमिग्रेशन अधिनियम की धारा 29 और 7 के तहत ‘भारत छोड़ो’ नोटिस जारी किया गया है. आरोप है कि भारतीय नागरिक नहीं होने के बावजूद उन्होंने प्रदर्शन में हिस्सा लिया. महाराष्ट्र सरकार ने भी कहा कि वीज़ा की शर्तों का उल्लंघन करने वाले विदेशी नागरिकों को इसके नतीजे भुगतने होंगे.
‘भारत छोड़ो’ नोटिस एक ऐसा निर्देश है, जिसके तहत किसी विदेशी नागरिक को तय समय के अंदर देश छोड़ना होता है. ऐसा नहीं करने पर उसे हिरासत में लिया जा सकता है, देश से बाहर भेजा जा सकता है या उसे प्रतिबंधित सूची में डाला जा सकता है.
शनिवार को हुए इस प्रदर्शन का आह्वान महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी ने किया था. प्रदर्शन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी.
खान भी प्रदर्शन में पहुंचे थे. हिरासत में लिए जाने के बाद उन्होंने पुलिस बस से इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया. इसके साथ उन्होंने लिखा, “लगता है, मैं गाड़ी में घूमने जा रहा हूं.”
बाद में सामने आए एक दूसरे वीडियो में उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मेरी कोई मांग नहीं है. मैं किसी संगठन का हिस्सा नहीं हूं. मैं यहां एक नागरिक के तौर पर आया हूं. मैं यह देखने आया हूं कि लोगों के आने-जाने की आज़ादी पर रोक क्यों लगाई जा रही है. लोगों की आवाज़ क्यों दबाई जा रही है?”
मुंबई पुलिस ने कहा कि अगस्त क्रांति मैदान में प्रदर्शन करने के लिए कोई अनुमति नहीं मांगी गई थी. पुलिस के मुताबिक, बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, प्रदर्शन केवल आजाद मैदान में किए जाने चाहिए.
खान के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत के बाद हुई. सोमैया ने आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक खान ‘भारत में अराजकता फैलाने की साजिश में शामिल हैं’. उन्होंने ओसीआई से जुड़े नियमों और वीज़ा की शर्तों के कथित उल्लंघन का हवाला देते हुए खान को ‘तुरंत देश से बाहर भेजने’ की मांग की थी.
महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री (अर्बन) योगेश कदम ने कहा कि खान के खिलाफ की गई कार्रवाई किसी ‘निजी दुश्मनी’ की वजह से नहीं है.
उन्होंने कहा, “अगर कोई वीजा के नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे इसके नतीजे भुगतने होंगे. जब आप किसी देश में आते हैं, तो वीजा की कुछ शर्तें बताई जाती हैं. आप उन शर्तों का उल्लंघन नहीं कर सकते.”
ओसीआई कार्ड रखने वाले लोग भारतीय मूल के विदेशी नागरिक होते हैं. उन्हें जीवन भर के लिए वीजा मिलता है, लेकिन वे वोट नहीं दे सकते और न ही चुनाव लड़ सकते हैं.
ओसीआई के नियमों में सार्वजनिक प्रदर्शन में शामिल होने को ऐसी गतिविधि के तौर पर साफ तौर पर नहीं बताया गया है, जिसके लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी हो. हालांकि, संविधान के अनुच्छेद-19 के तहत बोलने की आजादी और शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने का अधिकार केवल भारतीय नागरिकों को मिलता है.
नागरिकता अधिनियम की धारा 7डी के तहत, देश की संप्रभुता और सुरक्षा समेत कुछ आधारों पर ओसीआई पंजीकरण रद्द किया जा सकता है.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
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