नई दिल्ली: वृंदावन के लोकप्रिय संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है और उनके लिए Z+ सुरक्षा की मांग की गई है. श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर प्रेमानंद की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने दावा किया है कि केली कुंज आश्रम के अंदर चल रहा आपसी विवाद प्रेमानंद महाराज की जान के लिए खतरा बन सकता है.
शर्मा ने रविवार को News24 से कहा, “आज हमने सीएम योगी को पत्र लिखा है और बताया है कि प्रेमानंद महाराज की जान को खतरा हो सकता है, इसलिए उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए.” उन्होंने आश्रम के आसपास की गतिविधियों की जांच और वहां के सेवादारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराने की भी मांग की है.
शर्मा ने आरोप लगाया है कि आश्रम के आसपास दो गुट बन गए हैं. इनमें से एक में असली सेवादार हैं, जबकि दूसरे में ऐसे लोग हैं जो साधु होने का दिखावा करते हैं और “ज़मीन पर कब्ज़ा करने” और “बच्चों के खिलाफ अपराध” में शामिल हैं. उनका दावा है कि पहला गुट यमुना के किनारे प्रेमानंद के साथ रह रहा है, जबकि दूसरे गुट ने आध्यात्मिक गुरु से जुड़े कई आश्रमों पर कब्जा कर लिया है और इससे उन्हें खतरा हो सकता है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, शर्मा ने कहा, “यह माफिया समूह अपने लोगों को भीड़ में भेजता है और उनसे गुंडागर्दी करवाता है. संतों की हत्या हो रही है और बच्चे गायब हो रहे हैं.”
ये आरोप प्रेमानंद महाराज के शिष्यों से जुड़े कई घटनाओं के तुरंत बाद लगाए गए हैं. पिछले महीने 25 साल के शिष्य दीपक लोधी की केली कुंज के पास एक इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी. वहीं, जुलाई से लापता 17 साल के एक शिष्य का हाल ही में बरसाना के एक आश्रम में पता चला है.
एक आत्महत्या और एक ‘लापता’ मामला
पिछले कुछ महीनों में प्रेमानंद महाराज के शिष्यों से जुड़ी दो घटनाओं ने उनके आश्रम और उनके अनुयायियों के समूह पर ध्यान खींचा है.
25 सितंबर को 25 साल के दीपक लोधी, जिन्हें रसिक दुलारी शरण के नाम से भी जाना जाता था, की मौत हो गई थी. उन्होंने वराह घाट के पास स्थित गौ कृपा कुंज की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी थी. इसी इमारत में प्रेमानंद के शिष्य रहते हैं. CCTV फुटेज में लोधी करीब 11 सेकंड तक छत पर लेटे दिखाई देते हैं. इसके बाद वह उठते हैं और छलांग लगा देते हैं. पुलिस ने कहा है कि शुरुआती जांच में किसी साजिश या किसी दूसरे व्यक्ति के शामिल होने के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन उनकी मौत से पहले की परिस्थितियों की जांच अभी जारी है.
मामला इसलिए और जटिल हो गया है क्योंकि पोस्टमार्टम में पता चला कि मौत से पहले लोधी के गुप्तांग काट दिए गए थे. पुलिस ने उनके कमरे से एक ग्राइंडर बरामद किया है और उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है. इसमें फिंगरप्रिंट की जांच भी शामिल है. पुलिस अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह चोट कैसे लगी और क्या इसमें कोई दूसरा व्यक्ति भी शामिल था. पोस्टमार्टम में उनके सिर, पसलियों और पैर पर भी चोट के निशान मिले थे.
इस बीच, 3 अक्टूबर को प्रेमानंद महाराज के एक और शिष्य 17 साल के अनुज चौधरी का बरसाना के एक आश्रम में पता चला. वह जुलाई से लापता था. इससे पहले उसके परिवार ने केली कुंज के बाहर प्रदर्शन किया था. परिवार का आरोप था कि आश्रम ने उन्हें उसके बारे में सही जानकारी नहीं दी और CCTV फुटेज भी उपलब्ध नहीं कराई. पुलिस ने बाद में एक व्यक्ति से मिली सूचना के आधार पर अनुज का पता लगाया.
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