लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से जलभराव वाले इलाकों में राहत अभियान तेज कर दिया गया है. सोमवार को प्रशासन की टीमों ने पानी में फंसे और प्रभावित परिवारों तक जरूरी सामान पहुंचाने के लिए नावें लगाईं.
अधिकारियों के मुताबिक, नावों के जरिए प्रभावित परिवारों के घर-घर राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. राहत किट में आटा, चावल, दाल, आलू, प्याज, लाई, बिस्किट, नमक और खाना बनाने का तेल शामिल है.
लोगों की स्वास्थ्य और साफ-सफाई से जुड़ी जरूरतों को देखते हुए राहत पैकेट में सैनिटरी पैड, साबुन, कपड़े और बाल्टियां भी दी जा रही हैं. इसके अलावा मिनरल वाटर, ओआरएस और बुखार व मलेरिया की दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं.
दर्जनों नावें लगातार राहत और बचाव अभियान में लगी हैं. इनके जरिए पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है.
प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविरों के साथ मेडिकल कैंप भी लगाए गए हैं, जहां लोगों को इलाज की सुविधा दी जा रही है.
अधिकारियों ने बताया कि पशुओं के लिए चारा और कैटल फीड की व्यवस्था भी की गई है. इस मुश्किल समय में जरूरतमंद लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है.
उत्तर प्रदेश के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने फैजुल्लागंज की बाढ़ प्रभावित मामा कॉलोनी का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने पिछले 15 दिनों में हुई भारी बारिश और इसके पीछे मौसम से जुड़े कारणों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि राजधानी क्षेत्र में पानी का स्तर असामान्य रूप से बढ़ा है और करीब दो दशक में ऐसा पहली बार देखने को मिला है.
शनिवार को इलाके में भारी बारिश के बाद जिला प्रशासन ने लखनऊ के गोमती रिवरफ्रंट को अगले आदेश तक बंद कर दिया था. इसके चलते रिवरफ्रंट के दोनों किनारों पर बने रास्तों और दूसरे इलाकों में पानी भर गया था.