नई दिल्ली: एक बड़े खुलासे में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है, जिस पर नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक करने का मुख्य स्रोत होने का आरोप है. दिप्रिंट को जानकारी मिली है कि वह नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) से जुड़ा हुआ था.
कई सूत्रों ने पुष्टि की कि पुणे के पी.वी. कुलकर्णी उस समिति में शामिल थे जिसने परीक्षा का प्रश्नपत्र तैयार किया था.
एक सूत्र ने कहा, “वह लातूर के दयानंद साइंस कॉलेज में पढ़ाते थे और नीट पेपर तैयार करने की प्रक्रिया में भी शामिल थे. सबसे पहले पेपर उन्हीं से लीक हुआ था.”
सूत्र ने कहा, “उन्होंने भारी रकम के बदले पेपर लीक किया था. हालांकि, पैसे से जुड़ी पूरी जानकारी आगे जांच में साफ होगी.”
पुणे से गिरफ्तार किए गए कुलकर्णी को दिल्ली लाया जाएगा. सूत्र ने कहा, “उनका ट्रांजिट रिमांड लिया जा रहा है.”
यह बड़ा घटनाक्रम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे पेपर लीक में टेस्टिंग एजेंसी की भूमिका सामने आई है, जो 2024 के पिछले लीक मामले में साबित नहीं हो पाई थी.
सीबीआई ने पाया था कि पुणे के धनंजय लोखंडे को लीक हुआ प्रश्नपत्र एनटीए के अंदर मौजूद उसके “सोर्स” से मिला था.
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के रहने वाले लोखंडे पिछले कुछ सालों से पुणे में रह रहे थे. सीबीआई ने मंगलवार को जांच शुरू करने के बाद पुणे में करियर काउंसलिंग फर्म चलाने वाले लोखंडे, उसकी एजेंट और पुणे की व्यवसायी मनीषा वाघमारे को गिरफ्तार किया था. अब तक इस मामले में सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.
एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने दिप्रिंट से कहा कि उन्हें इस मामले में सीबीआई की जांच और निष्कर्षों की जानकारी नहीं है.
इस बीच, सीबीआई ने साजिश की एक अहम कड़ी माने जा रहे पुणे निवासी धनंजय लोखंडे को विशेष अदालत में पेश किया. कोर्ट में दाखिल रिमांड आवेदन में एजेंसी ने कहा कि लोखंडे को लीक हुआ प्रश्नपत्र मनीषा वाघमारे से मिला था.
एजेंसी ने अदालत में कहा, “आरोपी धनंजय निवृत्ति लोखंडे, जो शुभम को जानता है, उसने सह-आरोपी मनीषा वाघमारे से नीट परीक्षा 2026 का मटेरियल लिया था. मनीषा पुणे की रहने वाली है.”
एजेंसी ने यह भी कहा कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक में शामिल एनटीए अधिकारियों की पहचान करने के लिए लोखंडे की पुलिस हिरासत जरूरी है. अदालत ने लोखंडे को छह दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया, जबकि वाघमारे को शनिवार को दिल्ली में पेश किया जाएगा.
इससे पहले गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों की रिमांड मांगते समय सीबीआई ने अदालत में कहा था कि नासिक के शुभम को लीक हुआ प्रश्नपत्र पुणे के एक व्यक्ति से मिला था, जिसे “एनटीए के एक सोर्स” के जरिए पेपर तक गैरकानूनी पहुंच मिली थी.
(इस रिपोर्ट को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)
यह भी पढ़ें: परीक्षा विकेंद्रीकरण और फास्ट-ट्रैक कोर्ट—NEET लीक के बाद IMA ने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र