Tuesday, 5 July, 2022
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जब टूटे दिल को सहलाना हो तो मुकेश के ये गीत मरहम बन आपका मूड लिफ्ट कर देंगे

तो मोबाइल पर नेट ऑन कीजिए, कान में ईयर फोन लगाइए और मुकेश के गानों के साथ अपना सारा दर्द गा डालिए. ट्रेजडी किंग की आवाज में आपका ग़म बह जाएगा.

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कोई जब आपका दिल तोड़कर आपके हाथ में रख दे. भरोसे को टुकड़े-टुकड़े करके चल दे, आपकी नीदें हराम हो गई हों और आप इस दर्द को गाना चाहते हों, अपने टूटे दिल को सहलाना चाहते हों, तो मोबाइल पर नेट ऑन कीजिए, कान में ईयर फोन लगाइए और मुकेश के गानों के साथ अपना सारा दर्द गा डालिए. ट्रेजडी किंग की आवाज में आपका ग़म बह जाएगा.

बात सीधी हो तो दिल पर सीधे लगती है. मुकेश की आवाज भी सीधी, सरल थी जो दिल में सीधे उतरती थी. उन्हें गोल्डन आवाज का गायक कहा जाता है. दर्द के गीतों को एक मूड के साथ गाने में उनका कोई सानी ही नहीं था.

प्रेम में ठुकरा गये हर प्रेमी का दर्द कुछ इसी तरह बाहर आता है.

कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे, तड़पता हुआ जब कोई छोड़ दे तब तुम मेरे पास आना प्रिये, मेरा दर खुला है खुला ही रहेगा तुम्हारे लिए…

मुकेश के गाने पता नहीं कितने टूटे दिलों के लिए मरहम बने हैं. प्रेमी आज भी उनकी आवाज में अपने सन्नाटों को गुनगुनाते हैं.

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रातें सुकून लाती हैं, चांदनी रात हो तो और भी ज्यादा लेकिन अगर आपके जलते मन पर किसी की यादों की बरसात भाप बन रही हो तो आपके इस दर्द पर ये गाना राहत टपका सकता है.

सुहानी चांदनी रातें हमें सोने नहीं देतीं, तुम्हारे प्यार की बातें हमें जीने नहीं देतीं…

इश्क में टूटे हुए जब आप अपने दर्द और आंसुओं का जश्न मनाना चाह रहे हों तो आप इस गाने से अपने दिल को भिगो सकते हैं.


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मुबारक हो सबको समा ये सुहाना, मैं खुश हूं मेरे आंसुओं पे न जाना, मैं तो दीवाना दीवाना दीवाना…

टूटे दिल का मरहम बन सकता है ये गाना

नाकामियां जिंदगी में बड़ी तोड़-फोड़ लाती हैं. प्यार की नाकामियां भी. जब आप उस दिल को शीशे की तरह तोड़ डालें जिसमें किसी की तस्वीर बसी हो तो ये गाना आपके टूटे दिल का मरहम बन सकता है.

जिस दिल में बसा था प्यार तेरा.. उस दिल को कभी का तोड़ दिया…हाय तोड़ दिया, बदनाम न होने देंगे तुझे तेरा नाम ही लेना छोड़ दिया…हाय छोड़ दिया…

मुकेश ग़म के गाने चुनते थे

मुकेश ग़मों को गाने वाले गायक थे. मुकेश ने एक बार कहा था, ‘अगर मुझे 10 हलके गाने और एक ग़म का गाना गाने को मिले तो मैं ग़म का गाना गाऊंगा.’

इस महान सिंगर का जन्म दिल्ली में पेशे से इंजीनियर लाला जोरावर चंद्र माथुर और मां चांद रानी के घर हुआ था. जहां बहन की शादी में उन्हें गाते हुए दूर के रिश्तेदार, जाने-माने अभिनेता मोतीलाल की नजर पड़ी और घर वालों की मर्जी के खिलाफ उन्हें हिंदी सिनेमा की दुनिया में ले गए. शुरू में केएल सहगल की नकल करने वाले मुकेश को अभिनेता मोतीलाल के लिए फिल्म पहली नजर  में गाने का मौका मिला-

दिल जलता है तो जलने दे, आंसू न बहा फरियाद न कर…

मुकेश ने अपने करियर की शुरुआत सिंगिंग हीरो से की थी लेकिन नाकाम रहे थे. फिल्म निर्दोष (1941) में हीरोइन नलनी जयवंत के साथ उन्हें मौका मिला था.

साथी भी उनके दर्द भरे नगमों के कायल थे

उनके साथी गायक भी उनके दर्द के गीत गाने के कायल थे. एक बातचीत में साथी गायक रहे मन्ना डे कहते हैं कि उन्होंने गानों में जो दर्द डाला वो वही गा सकते थे. वह दो गानों का जिक्र करते हैं…

मुझे तुमसे कुछ भी न चाहिए, मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो, मेरा दिल अगर कोई दिल नहीं उसे मेरे सामने तोड़ दो, उसे मेरे सामने तोड़ दो…

मुझको इस रात की तन्हाई में आवाज न दो, आवाज न दो, जिसकी आवाज रुला दे मुझे वो साज न दो, वो साज न दो…

जब कोई दोस्त ही आपके भरोसे को तोड़ दे और जिंदगी से ऐतबार उठ जाए तो इस गाने में ये दर्द निकाल सकते हैं.

दोस्त दोस्त न रहा, प्यार-प्यार न रहा, जिंदगी हमें तेरा एतबार न रहा…

ग़म के सन्नाटे में ये गाना सुकून दे सकता है

ग़म, गु़स्सा और आंसू जब प्यार के स्थाई भाव बन जाएं और हासिल में हाथ आए अकेलापन, तो ग़म के इस सन्नाटे में ये गाना आपका साथ दे सकता है.

आंसू भरी हैं ये जीवन की राहें, कोई उनसे कह दे हमें भूल जाएं…

एक साल पहले दुनिया को अलविदा कहने वाले खय्याम ने कहा था मुकेश हमेशा सुने जाएंगे- ‘जहां-जहां उनकी आवाज सुनी जाती थी उन्हें गोल्डन वॉयस कहा जाता था और उनका मन भी गोल्डन था, जब तक हमारी फिल्मों का संगीत रहेगा मुकेश भाई जिंदा-जावेद रहेंगे.’

कभी-कभी के शीर्षक गीत से ऊंचाई पर पहुंचे

खय्याम के संगीत में फिल्म कभी-कभी  का टाइटल गीत जो अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया है. इस गाने ने मुकेश को गानों की दुनिया में ऊंचाई पर पहुंचा दिया. इसका फीमेल वर्जन लता ने गाया है-

कभी-कभी मेरे दिल में खयाल आता है…के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए…

दिलों के दर्द गाने वाले गायक को दिल ने ही छीना

ये इत्तेफाक ही कह सकते हैं मुकेश के जिस दिल से निकलकर गाने हमारे दिलों के लिए मरहम बन रहे उसी दिल ने उन्हें इस दुनिया से छीन लिया. अमेरिका में डेट्रायट, मिशिगन के एक कंसर्ट में गाने गए इस महान सिंगर का दिल का दौरा पड़ने से 27 अगस्त 1976 को निधन हो गया.

अभिनेता राजकपूर की आवाज बन गए थे मुकेश

मुकेश अभिनेता राजकपूर की आवाज बन गए थे. उनके निधन पर राजकपूर ने कहा था कि आज मैंने अपनी आवाज खो दी.

आवारा हूं..या गर्दिश में हूं आसमान का तारा हूं…मेरा जूता है जापानी…जाने कहां गये वो दिन…सब कुछ सीखा हमने न सीखी होशियारी… राजकपूर के लिए मुकेश के गाये ये तमाम गाने अमर हैं जो हमारे आस-पास अक्सर गूंजते हुए मिलते हैं.

एक गाने के जरिए बेटे ने बताया उनका मिजाज

बेटे और जाने-माने गायक नितिन मुकेश उनकी शख्सियत और मिजाज को बताते हुए कहते हैं, ‘पापा के मिजाज को बताने के लिए उनका ये गाना काफी है.’

किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार, किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार जीना इसी का नाम है…

हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से सन्यास लेने वाले, पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी विदाई पर साझा किए गए वीडियो में मुकेश के जिस गाने को शामिल किया उसे जाते-जाते आप गुनगुना सकते हैं-

मैं पल दो पल का शायर हूं…पल दो पल मेरी कहानी है…


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