हर साल 18 मई को, तमिल परिवार मुलिविक्कल में इकट्ठा होते हैं, जहां 2009 में लिट्टे के खिलाफ श्रीलंकाई सेना द्वारा चलाए गए अभियान के अंतिम चरण में हुए आक्रमण के दौरान हजारों तमिल नागरिक फंस गए थे और मारे गए थे.
उग्र विरोधों का सामना कर रहे श्रीलंका द्वारा राष्ट्रपति शासन प्रणाली में बदलाव को लेकर उठाए जाने वाले अगले 'बड़े कदम' पर भारत 'बारीकी से' नजर रखे हुए है.