scorecardresearch
Wednesday, 14 January, 2026
होमThe FinePrint

The FinePrint

राजनाथ सिंह भारत और पाकिस्तान की साझा सभ्यता की धरोहर को नए सिरे से खोज रहे हैं

भले ही भारत और पाकिस्तान युद्ध के मुहाने पर खड़े लग रहे हों, लेकिन उनकी इंटेलिजेंस सर्विस अक्सर तनाव कम करने और दोनों देशों के लिए रिस्क कम करने के लिए जगह ढूंढती रही हैं.

मोदी को भरोसा है कि वे बिहार की तरह बंगाल भी जीत लेंगे लेकिन 5 वजह बताती हैं कि ऐसा नहीं होने वाला

सॉरी, मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, लेकिन आप गलत हैं. बंगाल बिहार नहीं है और कभी नहीं होगा.

कैसे मसाज भारत में ब्लाइंड लोगों के लिए एक नया करियर विकल्प बन रहा है

जापान और चीन से सीख लेते हुए, NGOs ब्लाइंड मसाज करने वालों को ट्रेनिंग दे रहे हैं और कंपनियां उन्हें काम पर रख रही हैं. ‘मैं उनकी काबिलियत के हिसाब से खेलना चाहता था, सिम्पैथी कार्ड पर नहीं.’

UP के PM श्री मॉडल स्कूलों की अंदरूनी तस्वीर: लैब, स्मार्ट बोर्ड और बराबरी पाने की होड़

कुछ कैंपस में रोबोटिक्स किट और AI लैब्स हैं, तो कुछ अभी भी टूटे हुए फर्नीचर और CSR डोनेशन पर निर्भर हैं.

हरियाणा में खाप की सीमा लांघने की मिली सजा: सपना सो रही थी तभी भाई ने मारी गोली

रोहतक के काहनी में सपना के ससुराल में उसके कमरे के फर्श और दरवाज़े पर गोलियों के निशान हैं, जहां एक ही गांव में शादी करने के नतीजे भुगतने पड़ते हैं.

PM मोदी की रीब्रांडिंग अब सबसे ज़रूरी, भूमि अधिग्रहण और कृषि कानूनों से करें शुरुआत

पीएम मोदी लाल किले के भाषण में किए गए सुधारों पर आगे बढ़ने के लिए गंभीर दिख रहे हैं, लेकिन किसानों से जुड़े मुद्दों पर अभी भी झिझकते नज़र आते हैं.

तालिबान रणनीतिक आज़ादी का दांव खेल रहा है, क्या ईरान, चीन पाकिस्तान जैसी खाली जगह भर पाएंगे

पाकिस्तान से व्यापारिक रिश्ते तोड़ना इतना आसान नहीं. पड़ोसी देश 2024 में अफगानिस्तान का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर था, जो अफगान निर्यात का 45% खरीदता था.

बॉलीवुड बावर्ची नंबर 1 — दिलीप का सफर, फराह खान के कुक से स्टार बनने तक

दिलीप की कहानी पुराने माइग्रेंट वाले स्टीरियोटाइप को तोड़ती है, एक अनदेखे मजदूर से मुंबई के एलीट का इंटरनेट सेलिब्रिटी बनने तक.

कांग्रेस की सबसे बड़ी परेशानी बीजेपी नहीं, बल्कि उसका अपना ‘ऑपरेटिंग सिस्टम’ है

पार्टी को समान सोच वाली क्षेत्रीय पार्टियों के साथ बैठकर 5–10 साल की रणनीति बनानी चाहिए, न कि 5–10 महीनों की सीटों की सौदेबाज़ी.

बिहार के बाद वोट शेयर बनाम सीट शेयर की बहस फिर लौट आई है, लेकिन यह क्यों ज़रूरी है

हमें पहले उन मुश्किल मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए जो मतदाताओं की नज़र में चुनाव प्रक्रिया की वैधता को कम करते हैं — जैसे कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना.

मत-विमत

जेन-Z आंदोलन के बाद फिर पुरानी राजनीति, नेपाल की पार्टियां ‘स्टार्टिंग पॉइंट’ पर लौटीं

एक स्थिर नेपाल के लिए आगे का रास्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, समावेशी संवाद के जरिए राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने में है.

वीडियो

राजनीति

देश

राज ठाकरे के अदाणी पर हमला किए जाने से भाजपा को क्यों ठेस पहुंची: मनसे

मुंबई, 13 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मंगलवार को सवाल उठाया कि नगर निकाय चुनावों के प्रचार के दौरान पार्टी अध्यक्ष राज...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.