बदलते लेबर मार्केट में आने वाले युवा वर्कफोर्स को ऐसे नियमों की ज़रूरत है जो मोबिलिटी, स्किल ट्रांज़िशन और काम के नए तरीकों को पहचानें. पुराने इंडस्ट्रियल मॉडल पर आधारित कानून इस भविष्य के लिए काम नहीं आ सकते.
2006 में हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले प्रिंस कश्यप को 50 घंटे तक चली राष्ट्रीय स्तर की कोशिशों के बाद बोरवेल से ज़िंदा बाहर निकाला गया था. वहीं, पिछले हफ्ते नोएडा के टेक कर्मी युवराज मेहता की बिना ऐसी ही जल्दबाज़ी के मौत हो गई.
दिप्रिंट को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में हसीना ने 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' चुनावों की मांग की, साथ ही बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर दुख भी जताया.
नितिन नबीन की नियुक्ति दिखाती है कि बीजेपी भी अन्य राजनीतिक दलों की तरह है, जहां पार्टी के बड़े नेता चुनाव प्रक्रिया को सख्ती से नियंत्रित करके संगठन के प्रमुख का फैसला करते हैं.
यह जनगणना अलग-अलग जाति समूहों की संख्या और उनकी आय—दोनों का नक्शा तैयार करेगी. इससे उन लोगों को आधार मिलेगा, जो एससी/एसटी आरक्षण से ‘क्रीमी लेयर’ को बाहर करने की मांग करते हैं.
यह समझने के लिए कि 1971 को भारत की संसदीय सीटों का आधार क्यों बनाया गया, 1960 के दशक के उस माल्थसवादी डर को फिर से देखना होगा, जो विकास से जुड़ी सोच पर हावी था.
अविमुक्तेश्वरानंद पहले भी बीजेपी और कांग्रेस—दोनों के खिलाफ रुख ले चुके हैं. रविवार को उन्हें मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान करने से रोका गया.
बीजेपी-संघ परिवार की बंगाल विरोधी सोच का सबसे साफ उदाहरण उसके नेताओं द्वारा ममता बनर्जी के खिलाफ इस्तेमाल की गई बेहद पितृसत्तात्मक और महिला-विरोधी भाषा है.
2000 के शुरुआती वर्षों में सीधे और ज्यादा मिराज विमान खरीदने के बजाय, ज़रूरत को बदलकर मिराज जैसी क्षमता वाले मीडियम वज़नी मल्टी-रोल फाइटर के पक्ष में किया गया.
अनुष्का कुमारी ने गांव के ऊबड़-खाबड़ मैदान में नंगे पांव, परिवार के विरोध के बावजूद लड़कों के साथ खेलना शुरू किया. तीन साल बाद, वह भारत की अंडर-17 ‘गोल मशीन’ हैं.
अगले वीकेंड तक बांग्लादेश में एक चुनी हुई सरकार बन जाएगी. यह भारत के लिए मौका है कि वह चुनाव वाले पश्चिम बंगाल और असम में ‘घुसपैठिया’ वाली भाषा को नरम करके बिगड़े रिश्तों को फिर से ठीक करे.