scorecardresearch
Wednesday, 14 January, 2026
होमThe FinePrint

The FinePrint

‘भाईचारे’ वाला रवैया: पुलिस क्रूरता के मामलों में अक्सर वही पुरानी स्क्रिप्ट अपनाई जाती है

मोहाली की एक विशेष अदालत ने इस अगस्त के शुरू में 1993 में स्टेज्ड एनकाउंटर में 7 युवाओं की हिरासत में मौत के मामले में 5 सेवानिवृत्त पंजाब पुलिस कर्मियों को दोषी ठहराया.

‘चमत्कार नहीं बेचते’, सिर्फ तर्क, सेलेब्रिटीज़ की पहली पसंद—प्रेमानंद महाराज को क्या अलग बनाता है

प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता सिर्फ़ उनके नरम अंदाज़ में दिए गए प्रवचनों से नहीं है, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि वे खुद को एक 'प्रगतिशील बाबा' के रूप में पेश करते हैं — जो प्रेम विवाह और अंतरजातीय विवाह का समर्थन करते हैं और तर्कसंगत सुझाव देते हैं.

ट्रंप सरकार मुस्लिम ब्रदरहुड पर बैन की तैयारी में—क्या पश्चिम का इस्लामवाद से मोहभंग हो गया है?

ट्रंप ने 2019 में मुस्लिम ब्रदरहुड पर बैन लगाने का वादा किया था, लेकिन यह योजना धूल में मिल गई.

भारत की विदेश नीति डगमगा रही है — क्या हम राष्ट्रीय गौरव और नई ताकत के बीच संतुलन बना सकते हैं?

जब तक कोई बड़ा उलटफेर नहीं होता, भारत की विदेश नीति का मूल, जो कम से कम साल 2000 से अमेरिका, पाकिस्तान, चीन और रूस पर केंद्रित रही है, टूटने के कगार पर है.

आखिर, CEC ज्ञानेश कुमार की जनता को भरोसा दिलाने में कोई दिलचस्पी क्यों नहीं है

चुनाव आयोग को विपक्ष की 'वोट चोरी' की शिकायतों को गंभीरता से लेने का कोई कारण नज़र नहीं आता. 'तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई?' — ऐसा जवाब एक ईमानदार और सच्चा संविधान का संरक्षक कभी नहीं देगा.

ओली की आगामी भारत यात्रा दिखाती है कि भरोसे की खाई घट रही है, नेपाल का ‘चीन कार्ड’ सीमित है

नेपाल की कुछ राजनीतिक पार्टियों के लिए ‘चीन कार्ड’ काम का औज़ार ज़रूर रहा है, लेकिन यह भारत से जुड़ाव की जगह नहीं ले सकता.

भारत के रणनीतिक स्तंभ डगमगा रहे हैं, लापरवाही की गुंजाइश नहीं

आधुनिक ‘समुद्र मंथन’ के बीच भारत के पास यह मौका है कि वह मजबूत और लचीला सुरक्षा ढांचा बनाकर दुनिया के मंच पर अपनी भूमिका नए सिरे से तय करे.

ज्ञानेश कुमार और राहुल गांधी के बीच की तनातनी से मोदी और BJP को क्यों चिंतित होना चाहिए

अगर मुख्य चुनाव आयुक्त और विपक्षी नेताओं के बीच रिश्ते बिगड़ते हैं, तो लोगों का चुनाव के नतीजों पर से भरोसा उठ सकता है. यह भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बुरी स्थिति होगी.

क्या अब हम कह सकते हैं कि हमें भारत पर गर्व है? आंकड़े तो यही बताते हैं

जैसे-जैसे हम ‘आज़ादी का अमृत काल’ की ओर बढ़ रहे हैं, हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान याद रखने चाहिए और विकास की गति को और तेज़ करना होगा, ताकि सबको ऊर्जा और समृद्धि मिल सके.

SIR पर राहुल के आरोप BJP को दे सकते हैं बढ़त, देशभर में मृत और प्रवासी वोटर हटाने का रास्ता साफ

राहुल गांधी और कांग्रेस अपने आरोपों पर कभी भी स्थिर नहीं रही है. वे अपनी हार की वजह अपने नेतृत्व की क्षमता और संगठन में ढूंढने के बजाय अलग-अलग प्रक्रियाओं में ढूंढते हैं. राहुल गांधी एक नेता की तरह नहीं, बल्कि गांव के मास्टर की तरह नजर आते हैं.

मत-विमत

जेन-Z आंदोलन के बाद फिर पुरानी राजनीति, नेपाल की पार्टियां ‘स्टार्टिंग पॉइंट’ पर लौटीं

एक स्थिर नेपाल के लिए आगे का रास्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, समावेशी संवाद के जरिए राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने में है.

वीडियो

राजनीति

देश

राज ठाकरे के अदाणी पर हमला किए जाने से भाजपा को क्यों ठेस पहुंची: मनसे

मुंबई, 13 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने मंगलवार को सवाल उठाया कि नगर निकाय चुनावों के प्रचार के दौरान पार्टी अध्यक्ष राज...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.