टीएलपी पर कार्रवाई दिखाती है कि फील्ड मार्शल मुनीर एक नया रास्ता अपना रहे हैं. धार्मिक नेताओं को सहलाने की बजाय, वे धार्मिक दक्षिणपंथी आंदोलनों को कुचल रहे हैं जो देश की सत्ता को चुनौती देते हैं.
इंटरफेथ कपल्स का आरोप है कि उन्हें होटल में कमरा देने से मना किया जा रहा है. होटल मैनेजमेंट ‘ऊपर से आदेश’ का हवाला दे रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि उन्होंने कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं.
2016 से 2020 के बीच 1,238 फैक्ट्रियों को पहले चरण की मंज़ूरी मिली थी, जिससे 16,832 करोड़ रुपये का निवेश आया. 2020 के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 2,154 फैक्ट्रियों तक पहुंच गया और निवेश 90,503 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
तालिबान गुट टीटीपी को एक वैचारिक सहयोगी के रूप में पोषित करते हैं, क्योंकि अमीर हिबतुल्लाह अखुंदजादा का शासन सीमावर्ती क्षेत्रों को पाकिस्तानी नहीं, बल्कि अफगानी मानता है.
डिजिटल लेबर चौक उन तकनीकी प्लेटफ़ॉर्म्स की श्रृंखला का हिस्सा है जो मैनुअल मज़दूरी को सड़कों से हटाकर एल्गोरिदम और ऐप्स की दुनिया में लाने की कोशिश कर रहे हैं. '10,000 से ज़्यादा कंपनियां भर्ती कर रही हैं.'
इंडियन रोड कांग्रेस के अध्यक्ष मनोरंजन परिडा ने कहा कि विकास की रफ्तार बहुत तेज़ है, शायद इसी वजह से हमारे मटेरियल की क्वालिटी- क्वांटिटी, विशेषज्ञता और क्षमता ज़रूरत के हिसाब से मेल नहीं खा पा रही.
ऐसा लगता है कि मोदी सरकार एक्स से खुद को अलग नहीं कर पा रही है. वह सोशल मीडिया पर बढ़ते गुस्से को बढ़ावा दे रही है और अपने ही बनाए राक्षस को चुपचाप और बड़ा कर रही है.
नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मोरारजी देसाई जैसे भारतीय नेताओं को पश्चिम ने अहंकारी माना, जबकि पाकिस्तानी नेता हमेशा घुटनों पर झुकने को तैयार रहते थे.
युवा विद्रोह के गुस्से के पीछे एक पुरानी, कठोर और अटूट सामाजिक व्यवस्था छिपी हुई है, जो देश की राजनीति, समाज और अर्थव्यवस्था को आकार दे रही है: जाति.