मोहाली की एक विशेष अदालत ने इस अगस्त के शुरू में 1993 में स्टेज्ड एनकाउंटर में 7 युवाओं की हिरासत में मौत के मामले में 5 सेवानिवृत्त पंजाब पुलिस कर्मियों को दोषी ठहराया.
प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता सिर्फ़ उनके नरम अंदाज़ में दिए गए प्रवचनों से नहीं है, बल्कि इसलिए भी है क्योंकि वे खुद को एक 'प्रगतिशील बाबा' के रूप में पेश करते हैं — जो प्रेम विवाह और अंतरजातीय विवाह का समर्थन करते हैं और तर्कसंगत सुझाव देते हैं.
जब तक कोई बड़ा उलटफेर नहीं होता, भारत की विदेश नीति का मूल, जो कम से कम साल 2000 से अमेरिका, पाकिस्तान, चीन और रूस पर केंद्रित रही है, टूटने के कगार पर है.
चुनाव आयोग को विपक्ष की 'वोट चोरी' की शिकायतों को गंभीरता से लेने का कोई कारण नज़र नहीं आता. 'तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई?' — ऐसा जवाब एक ईमानदार और सच्चा संविधान का संरक्षक कभी नहीं देगा.
अगर मुख्य चुनाव आयुक्त और विपक्षी नेताओं के बीच रिश्ते बिगड़ते हैं, तो लोगों का चुनाव के नतीजों पर से भरोसा उठ सकता है. यह भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बुरी स्थिति होगी.
जैसे-जैसे हम ‘आज़ादी का अमृत काल’ की ओर बढ़ रहे हैं, हमें अपने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान याद रखने चाहिए और विकास की गति को और तेज़ करना होगा, ताकि सबको ऊर्जा और समृद्धि मिल सके.
राहुल गांधी और कांग्रेस अपने आरोपों पर कभी भी स्थिर नहीं रही है. वे अपनी हार की वजह अपने नेतृत्व की क्षमता और संगठन में ढूंढने के बजाय अलग-अलग प्रक्रियाओं में ढूंढते हैं. राहुल गांधी एक नेता की तरह नहीं, बल्कि गांव के मास्टर की तरह नजर आते हैं.
एक स्थिर नेपाल के लिए आगे का रास्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, समावेशी संवाद के जरिए राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने में है.